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MP में पेपर लीक पर बड़ा एक्शन, 90 दिन के भीतर मिलेगा न्याय: CM डॉ. मोहन यादव

MP Fast Track Court: शिक्षा क्षेत्र में सुधार और छात्रों के हित में अहम फैसले लागू किए जा रहे हैं। युवाओं से जुड़े अदालती मामलों में तेजी लाने की जरूरत है। इसके लिए मध्य प्रदेश में चार फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे खासकर भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में। पेपर लीक और परीक्षाओं से जुड़े मामलों का निपटारा इन फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सिर्फ तीन महीने के अंदर किया जाएगा।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को मध्य प्रदेश विधानसभा के सेंट्रल हॉल में मीडिया से बात करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चिंता साफ दिखती है। NEET पेपर लीक की खबर आते ही उन्होंने मामले की जांच के लिए तुरंत एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई। केस दर्ज किया गया और देश भर में आरोपियों को तेजी से गिरफ्तार किया गया। फिर दोबारा नीट परीक्षा कराई गई।यादव ने कहा कि राज्य सरकार की पूरी सहानुभूति और संवेदना विद्यार्थियों के साथ है। हम हर परिस्थिति में विद्यार्थियों के साथ खड़े हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में नीट परीक्षाएं बेहतर और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हों, इसके लिए स्टैंडर्ड ऑफ प्रोटोकॉल्स (एसओपी) तैयार कर ऐहतियातन सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

दोगुनी हुईं मेडिकल सीटें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का वह राज्य है जहां सबसे पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई थी। पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार ने तीन नए सरकारी विश्वविद्यालय स्थापित किए हैं। हमारी सरकार ने युवाओं और छात्रों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं और यह प्रक्रिया जारी रहेगी।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुनी से ज्यादा हो गई है। जहां पहले देश भर में सिर्फ 641 विश्वविद्यालय थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 1,400 से ज्यादा हो गई है। मेडिकल शिक्षा के लिए सीटों की संख्या भी 50,000 से बढ़कर 1,00,000 से ज्यादा हो गई है।

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