मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, मेडिकल शिक्षा की फीस होगी कम, बढ़ेंगी MBBS सीटें
MP Medical Education: एमपी सरकार ने NEET परीक्षा उत्तीर्ण करके डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले छात्रों को बड़ी राहत दी है। मध्य प्रदेश में मेरिट छात्रों के लिए चिकित्सा शिक्षा सस्ती होने जा रही है। मेरिट छात्रों के लिए फीस में एक तिहाई की कमी होने की उम्मीद है।
सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में मिलेगा दाखिला
दूसरी ओर, सीटों की संख्या में वृद्धि के कारण, NEET परीक्षा में मेरिट छात्रों को अधिक सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिलेगा। इससे मेरिट NEET उम्मीदवारों को राज्य के मेडिकल कॉलेजों में बढ़ी हुई सीटों और कम फीस का दोहरा लाभ मिलेगा। वहीं, प्रबंधन कोटा के तहत छात्रों का प्रवेश राज्य सरकार द्वारा NEET मेरिट के आधार पर आयोजित काउंसलिंग के माध्यम से किया जाएगा। मेरिट छात्रों को फीस में राहत देने के साथ-साथ मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या भी बढ़ाई गई है। सीटों में इस वृद्धि से मेरिट छात्रों को दोहरा लाभ मिलेगा। एक ओर तो फीस कम होगी और दूसरी ओर, अधिक छात्र सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पा सकेंगे। एक तरह से, मेरिट NEET उम्मीदवारों को बढ़ी हुई सीटों के साथ-साथ कम फीस का भी लाभ मिलेगा। मैनेजमेंट कोटा में प्रवेश राज्य सरकार द्वारा आयोजित काउंसलिंग के माध्यम से NEET मेरिट के आधार पर होगा।
एमबीबीएस की सीटें बढ़ीं
मध्य प्रदेश में, 2023 की तुलना में 2026 में मेरिट छात्रों के लिए मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ा दी गई है। 2023 में, राज्य के मेडिकल कॉलेजों में कुल उपलब्ध सीटें 4,675 थीं, जिनमें से 2,275 सरकारी कॉलेजों में और 2,400 निजी कॉलेजों में थीं। इनमें से मेरिट विद्यार्थियों के लिए कुल 4315 सीटें निश्चित की गई थीं, जिसमें सरकारी कॉलेजों में 2215 और निजी कॉलेजों में 2040 सीटें रखी गई थीं।
मध्य प्रदेश में डॉक्टरी की पढ़ाई सस्ती, टॉपर्स के लिए ऑफर
दिल्ली में शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों, जिनमें NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक भी शामिल हैं, को लेकर चल रहे छात्र विरोध प्रदर्शनों के बीच, मध्य प्रदेश सरकार ने NEET टॉपर्स के लिए एक महत्वपूर्ण राहत की घोषणा की है। सरकार NEET परीक्षा में मेरिट हासिल करने वाले छात्रों की फीस में एक तिहाई की कमी कर रही है। इस तरह, मध्य प्रदेश सरकार का उद्देश्य मेधावी छात्रों के लिए चिकित्सा शिक्षा को सुलभ बनाना है।(एजेंसी)

