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छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर पर बवाल, बढ़े बिजली बिलों से जनता परेशान

स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं ने बिजली बिल कई गुना बढ़ने का दावा किया है। कांग्रेस ने इसे बड़ा जनमुद्दा बनाया, जबकि बीजेपी ने योजना के लिए पिछली सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

 

छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। प्रदेश के कई जिलों से उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके बिजली बिलों में अचानक कई गुना बढ़ोतरी हो गई है। बढ़ते बिजली बिलों को लेकर अब यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।

कई उपभोक्ताओं का दावा है कि पहले जहां उनका मासिक बिजली बिल एक हजार से डेढ़ हजार रुपये के बीच आता था, वहीं स्मार्ट मीटर लगने के बाद यह बढ़कर पांच हजार से सात हजार रुपये तक पहुंच गया है। इससे आम लोगों में चिंता और नाराजगी बढ़ रही है।

रायपुर के महावीर नगर निवासी दमयंती तिवारी का कहना है कि जुलाई 2025 में उनके घर का बिजली बिल 1360 रुपये था, जबकि जून 2026 में यही बिल बढ़कर 7550 रुपये हो गया। ऐसे कई अन्य उपभोक्ताओं ने भी पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने या उससे अधिक बिजली बिल आने का दावा किया है।

बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर कांग्रेस ने राज्यभर में अभियान शुरू किया है। पार्टी कार्यकर्ता कई स्थानों पर घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर हटाने के लिए आवेदन भरवा रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था से आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

वहीं भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि स्मार्ट मीटर योजना की शुरुआत पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई थी। बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा के अनुसार वर्ष 2021 में इस योजना पर चर्चा शुरू हुई, 2022 में टेंडर जारी हुए और जनवरी 2023 में इसका अनुबंध किया गया था।

कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ही बिजली विभाग का संचालन कर रही है और स्मार्ट मीटर भी उसी के कार्यकाल में लगाए जा रहे हैं। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि यदि उपभोक्ताओं को गलत या अधिक बिजली बिल मिल रहे हैं तो इसकी जिम्मेदारी मौजूदा सरकार की है।

फिलहाल स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदेश में जनता, सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। उपभोक्ताओं की मांग है कि बढ़े हुए बिजली बिलों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए ताकि वास्तविक कारण सामने आ सके और लोगों को राहत मिल सके।

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