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मानसून सत्र के पहले दिन संसद में हंगामा, विपक्ष के विरोध के बीच दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित

संसद मानसून सत्र

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का पहला दिन राजनीतिक गर्माहट के नाम रहा। सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा में विपक्षी दलों के लगातार विरोध, नारेबाजी और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। कई बार स्थगन के बाद अंततः दोनों सदनों की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए टाल दी गई।

विपक्ष ने इन मुद्दों पर सरकार को घेरा

सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष सरकार पर हमलावर नजर आया। NEET पेपर लीक, राम मंदिर दान विवाद, पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन समेत कई मुद्दों को लेकर विपक्षी सांसदों ने सदन के भीतर जोरदार विरोध दर्ज कराया। लगातार हंगामे के कारण किसी भी विधायी कार्य पर चर्चा नहीं हो सकी।

सरकार की प्राथमिकता में कई अहम विधेयक

20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं। सरकार इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

आयकर संशोधन विधेयक
सुप्रीम कोर्ट संशोधन विधेयक
जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक
राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम संशोधन विधेयक
MSME विकास संशोधन विधेयक
विदेशी अंशदान विनियमन (FCRA) संशोधन विधेयक
विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक

हालांकि पहले दिन सूचीबद्ध वंदे मातरम् विधेयक विपक्ष के हंगामे के चलते सदन में पेश नहीं हो सका।

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परिसीमन और महिला आरक्षण पर भी रहेगी नजर

इस मानसून सत्र में परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। बदले हुए राजनीतिक समीकरणों के बीच इन विषयों पर सरकार की रणनीति पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

सत्र से पहले पीएम मोदी का संदेश

सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विकास और युवाओं की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के युवा अपनी मेहनत, नवाचार और आत्मविश्वास के बल पर देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं और यही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है।

 

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