इंदौर बनेगा बड़ा एविएशन हब,10 नए शहरों से डायरेक्ट कनेक्टिविटी की पहल
Indore Airport News : मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से देश के विभिन्न हिस्सों तक हवाई संपर्क बढ़ाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हवाई अड्डा प्रबंधन ने विभिन्न एयरलाइनों को पत्र लिखकर इंदौर से 10 नए शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने का प्रस्ताव दिया है। इनमें पटना, वाराणसी, प्रयागराज, रांची, गोरखपुर, भुवनेश्वर, देहरादून, श्रीनगर और कोयंबटूर जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं।इन शहरों के लिए यात्रियों की मांग लंबे समय से बनी हुई है। वर्तमान में, इन शहरों की यात्रा करने वाले यात्रियों को दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद या बेंगलुरु जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर ट्रांजिट करना पड़ता है। इससे यात्रा का समय कई घंटे बढ़ जाता है और किराया भी अधिक हो जाता है।
जल्द सीधी उड़ानें शुरू करने का आग्रह
एयरपोर्ट प्रबंधन का मानना है कि इन शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू होने से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, प्रस्ताव प्रस्तुत करते समय संबंधित मार्गों पर यात्रियों की संख्या, व्यावसायिक गतिविधियों, पर्यटन और शैक्षिक चिकित्सा यात्रा का भी उल्लेख किया गया है। इंदौर और पूर्वी, उत्तरी और दक्षिणी भारत के कई शहरों के बीच लगातार बढ़ते यात्री भार को देखते हुए एयरलाइन कंपनियों से जल्द से जल्द उड़ानें शुरू करने का आग्रह किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि इंदौर मध्य भारत में एकप्रमुख एविएशन हब के रूप में उभर रहा है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। अबू धाबी के लिए हाल ही में शुरू हुई सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है, जिससे नए घरेलू मार्गों की मांग और भी बढ़ गई है।
यदि एयरलाइंस इस प्रस्ताव को मंजूरी देती हैं, तो इन शहरों के लिए उड़ानें चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएंगी। इससे व्यापार, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा और चिकित्सा सेवाओं से जुड़े यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा, इंदौर का हवाई नेटवर्क मजबूत होगा और देश भर के प्रमुख शहरों से इसकी कनेक्टिविटी में काफी विस्तार होगा।
‘इंदौर एयरपोर्ट रनवे’ का विस्तार
स्वच्छता और उत्कृष्ट नागरिक प्रबंधन के लिए देश के लिए एक आदर्श शहर रहा इंदौर, अब परिवहन और शहरी गतिशीलता में एक ऐतिहासिक क्रांति के लिए तैयार है। इंदौर हवाई अड्डे का विस्तार दो चरणों में किया जाएगा, जिसके लिए कुल 143 एकड़ अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी। पहले चरण में 89 एकड़ भूमि पर रनवे को 2,754 मीटर से बढ़ाकर 3,500 मीटर किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में 54 एकड़ अतिरिक्त भूमि जोड़कर रनवे को 4,000 मीटर तक बढ़ाया जाएगा। विस्तार के बाद बड़े विमानों की लैंडिंग और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन की संभावनाएं बढ़ेंगी। पहले चरण में वर्तमान टर्मिनल के समीप नया टर्मिनल बनाया जाएगा तथा रडार सिस्टम स्थापित किया जाएगा, जिससे विमानों की सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित हो सकेगी। (एजेंसी)

