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छत्तीसगढ़ विधानसभा में राशन और मुफ्त चावल पर घमासान, सरकार से विपक्ष ने पूछे तीखे सवाल

राशन और मुफ्त चावल पर घमासान

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को राशन कार्ड, मुफ्त चावल वितरण, राशन दुकानों में कथित अनियमितता जैसे अहम मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विपक्षी विधायकों ने सरकार से कई सवाल पूछे, जिनका संबंधित मंत्रियों ने विस्तार से जवाब दिया।

राशन कार्ड और चावल वितरण पर उठे सवाल

प्रश्नकाल के दौरान विधायक शेषराज हरबंस ने केंद्र और राज्य सरकार के राशन कार्ड, चावल वितरण व्यवस्था और अतिरिक्त राशन कार्डों के संचालन का मुद्दा उठाया। उन्होंने राज्य पर पड़ रहे वित्तीय भार और अंत्योदय कार्डधारियों को अतिरिक्त लाभ देने की मांग भी की।

इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 57.25 लाख केंद्र सरकार और 25.75 लाख राज्य सरकार के राशन कार्ड प्रचलन में हैं। उन्होंने कहा कि चावल वितरण परिवार के सदस्यों की संख्या के आधार पर किया जाता है। इसके अलावा निराश्रित और दिव्यांग हितग्राहियों को राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त 10-10 किलो चावल उपलब्ध कराया जा रहा है।

अंत्योदय कार्डधारियों को अतिरिक्त चावल देने की मांग

शेषराज हरबंस ने अंत्योदय राशन कार्डधारियों को 7 किलो अतिरिक्त चावल देने की मांग उठाई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि अंत्योदय परिवारों को केंद्र और राज्य सरकार दोनों योजनाओं का लाभ मिल रहा है।

राशन दुकानों में मसाले बेचने का आरोप

भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने राशन दुकानों में बचत स्टॉक के सत्यापन और कथित रूप से मसाले बेचने का मामला सदन में उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर अधिकारियों के संरक्षण में राशन दुकानों के माध्यम से जबरन मसाले बेचे जा रहे हैं।

इस पर मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि सरकार को ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते हैं तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।

केवाईसी और चावल वितरण पर भी चर्चा

विधायक लखेश्वर बघेल ने ई-केवाईसी के बिना चावल वितरण का मुद्दा उठाया। मंत्री ने कहा कि राशन वितरण के लिए ई-केवाईसी आवश्यक है और इसकी प्रक्रिया को सरल बनाया गया है ताकि पात्र हितग्राहियों को परेशानी न हो।

 

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