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‘सीता के पति का नाम, काम नीता के पति का’… सोनम वांगचुक के प्रदर्शन में Kunal Kamra का विवादित बयान, ताली बजाते दिखे अभिजीत दीपके

Kunal Kamra At Jantar-Mantar: मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन उग्र होता जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का अनिश्चितकालीन अनशन जारी है। लेकिन इस बीच, बुधवार को इस आंदोलन में उस वक्त एक नया विवाद जुड़ गया जब मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे। जंतर-मंतर पर मंच से भाषण देते हुए कामरा ने सरकार पर एक ऐसा तीखा व्यंग्य किया, जिसे लेकर अब सोशल मीडिया पर उनकी चौतरफा आलोचना हो रही है।

कुणाल कामरा का विवादित बयान

बुधवार को आंदोलन के मंच पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके की मौजूदगी में कुणाल कामरा ने अपना भाषण शुरू किया। सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने हिंदू पौराणिक कथाओं का संदर्भ लिया और कहा:

“सीता के पति का नाम लेकर, नीता के पति के लिए काम करते हैं।”

कामरा के इस बयान को सीधे तौर पर धार्मिक आस्था और देश के बड़े उद्योगपति को जोड़कर सरकार पर किए गए हमले के रूप में देखा जा रहा है।

अभिजीत दीपके के ताली बजाने पर बवाल

विवाद सिर्फ कुणाल कामरा के बयान तक ही सीमित नहीं रहा। जब कामरा मंच से यह बात कह रहे थे, तब उनके बगल में खड़े सीजेपी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके इस व्यंग्य पर मुस्कुराते हुए ताली बजाते नजर आए। अब सोशल मीडिया पर कामरा के साथ-साथ दीपके को भी नेटिजन्स के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि छात्रों के गंभीर मुद्दे पर हो रहे प्रदर्शन को राजनीतिक और धार्मिक रंग दिया जा रहा है।

देवोलीना भट्टाचार्जी का तीखा हमला

इस पूरे घटनाक्रम पर मशहूर टीवी अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा:

“इसे ही बहती गंगा में हाथ धोना कहते हैं। भले ही सोनम वांगचुक की जान चली जाए लेकिन हमारा एजेंडा आगे बढ़ता रहना चाहिए। हम सभी जानते हैं कि अन्ना हजारे के आंदोलन से किसे फायदा हुआ था। अब इस भूख हड़ताल से छात्रों को फायदा हो या न हो, लेकिन जो लूट मची है, हम उसे अपने फायदे में जरूर बदल लेंगे।”

दीपके ने सरकार की ‘क्रूरता’ और ‘चुप’ पर उठाए सवाल

दूसरी तरफ, विवादों के बीच अभिजीत दीपके ने सरकार पर अपना हमला जारी रखा है। उन्होंने एक्स (X) पर लिखा कि सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का आज 18वां दिन है। उन्होंने कहा, “जिस व्यक्ति (सोनम वांगचुक) ने आत्महत्या करने वाले छात्रों के लिए न्याय की मांग को लेकर अपनी जान दांव पर लगाने का फैसला किया, उसे सरकार की ओर से केवल चुप्पी मिली है। सरकार न केवल जवाबदेही से बच रही है, बल्कि वह क्रूर भी है।”

दीपके ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कटघरे में खड़ा करते हुए सवाल किया कि पीएम मोदी इस मुद्दे पर बातचीत करने से क्यों इनकार कर रहे हैं और शिक्षा मंत्री को अब तक जवाबदेह क्यों नहीं ठहराया गया है?

आखिर क्यों हो रहा है यह विरोध प्रदर्शन?

गौरतलब है कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक नीट यूजी (NEET-UG) पेपर लीक और परीक्षा में हुई अन्य कथित धांधलियों के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के लिए सरकार जवाबदेही तय करे।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।

देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक और ठोस सुधार किए जाएं।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे आगामी मानसून सत्र के दौरान संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे।

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