नकटी गांव मामले में कांग्रेस का बड़ा ऐलान, विधानसभा से कोर्ट तक होगी लड़ाई
रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि प्रशासन ने वर्षों से रह रहे परिवारों को बिना पर्याप्त सुनवाई का अवसर दिए उनके घरों से बेदखल कर दिया। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को न्यायालय में चुनौती देने का निर्णय लिया है और आगामी विधानसभा सत्र में भी इस मुद्दे को उठाने की घोषणा की है।
‘कई परिवार वर्षों से कर रहे थे निवास’
दीपक बैज का कहना है कि प्रभावित परिवार लंबे समय से नकटी गांव में रह रहे थे और कई लोगों के आवास सरकारी योजनाओं के तहत बने थे। उनके अनुसार, कार्रवाई के दौरान लोगों को अपना सामान सुरक्षित निकालने तक का पर्याप्त समय नहीं मिला, जिससे कई परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
पुनर्वास व्यवस्था पर उठाए सवाल
कांग्रेस ने सरकार की पुनर्वास नीति को भी कठघरे में खड़ा किया है। बैज ने आरोप लगाया कि जिन लोगों को वैकल्पिक आवास दिए जा रहे हैं, वे बड़े परिवारों की जरूरतों के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पुनर्वास स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं की भी कमी है, जिससे प्रभावित परिवारों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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विधायक आवास परियोजना को लेकर जताई आपत्ति
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित विधायक आवास परियोजना के लिए गरीब परिवारों को हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार के पास अन्य स्थानों पर पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, तो आबादी वाले क्षेत्र को खाली कराने की आवश्यकता समझ से परे है। कांग्रेस ने इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शी जांच की मांग भी उठाई है।
सरकार से मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास की मांग
कांग्रेस ने मांग की है कि प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए और उन्हें बेहतर सुविधाओं के साथ सम्मानजनक पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए। पार्टी का कहना है कि जब तक विस्थापित लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक वह इस मुद्दे को राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर उठाती रहेगी.

