Wed. Jul 1st, 2026

पाकिस्तान पर तालिबान का बड़ा हमला! ड्रोन से तबाह किए ठिकाने

पाकिस्तान की हालिया एयरस्ट्राइक के बाद तालिबान सरकार ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। तालिबान के अनुसार, उसके ड्रोन हमलों में पाकिस्तान के भीतर मौजूद ISIS-K के ठिकानों को निशाना बनाया गया, जबकि पाकिस्तान की ओर से इन दावों पर अलग तस्वीर पेश की गई है।

 

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। पाकिस्तान द्वारा हाल ही में अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में की गई एयरस्ट्राइक के बाद तालिबान सरकार ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। तालिबान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मंगलवार रात खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में ड्रोन हमले किए गए, जिनका निशाना इस्लामिक स्टेट खोरासान (ISIS-K) के ठिकाने थे।

 

29 जून की एयरस्ट्राइक के बाद जवाबी कार्रवाई

 

तालिबान का कहना है कि 29 जून की रात पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के तीन प्रांतों में हवाई हमले किए थे, जिनमें कई नागरिकों की मौत हुई। इसके बाद तालिबान सरकार ने जवाब देने की घोषणा की थी। अब उसने दावा किया है कि 30 जून की रात पाकिस्तान के भीतर ड्रोन ऑपरेशन चलाकर कथित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया।

 

ISIS-K के ठिकानों को बनाया निशाना

 

तालिबान के मुताबिक, ड्रोन हमलों का लक्ष्य इस्लामिक स्टेट खोरासान (ISIS-K) के ठिकाने थे। दावा किया गया कि खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के कुछ क्षेत्रों में मौजूद ठिकानों पर सटीक हमले किए गए, जिनमें कई आतंकियों के मारे जाने की बात कही गई है।

 

स्कूल पर हमले को लेकर अलग-अलग दावे

 

तालिबान समर्थित मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि खैबर पख्तूनख्वा के सरान क्षेत्र में एक इमारत, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर ISIS-K से जुड़े लोग कर रहे थे, उसे निशाना बनाया गया।

 

वहीं पाकिस्तान की ओर से सामने आई रिपोर्टों में कहा गया कि जिस इमारत पर हमला हुआ, वह एक स्कूल था, जहां अफगान सेना के पूर्व सैनिक रह रहे थे। पाकिस्तान का दावा है कि इस हमले में तीन पूर्व सैनिक घायल हुए हैं।

 

दोनों देशों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं

 

फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। घटना को लेकर आधिकारिक स्तर पर दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है और सीमा क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

 

सीमा पर बढ़ा तनाव

 

हाल के दिनों में पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर सैन्य गतिविधियां तेज हुई हैं। दोनों देशों के बीच सुरक्षा, सीमा पार आतंकवाद और उग्रवादी संगठनों की मौजूदगी को लेकर लंबे समय से मतभेद बने हुए हैं। ताजा घटनाक्रम के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

 

About The Author