हाईराइज बिल्डिंग में रहते हैं? सरकार ने जारी की नई एडवाइजरी, जानिए क्या होंगे नियम
राज्य सरकार ने सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों को बहुमंजिला भवनों में अग्नि सुरक्षा और लिफ्ट सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के सभी नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों को बहुमंजिला भवनों में अग्नि सुरक्षा (फायर सेफ्टी) और लिफ्ट सुरक्षा के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी नगर निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को विस्तृत एडवाइजरी जारी की है।
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि बहुमंजिला आवासीय, वाणिज्यिक और मिश्रित उपयोग (मिक्स्ड यूज) वाले भवनों में रहने वाले लोगों और आगंतुकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए फायर सेफ्टी सिस्टम और लिफ्ट संचालन से जुड़े सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन कराया जाएगा।
राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किए गए निर्देश
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह एडवाइजरी राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC-2016), भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के प्रासंगिक मानकों तथा छत्तीसगढ़ अग्नि एवं आपातकालीन सेवा अधिनियम, 2018 सहित अन्य लागू नियमों के अनुरूप तैयार की गई है।
इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य बहुमंजिला भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना, आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करना और आग या अन्य दुर्घटनाओं के जोखिम को न्यूनतम करना है।
भवन प्रबंधन समितियों को भी दिए जाएंगे निर्देश
सरकार ने सभी नगर निकायों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के बहुमंजिला भवनों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें। साथ ही भवन प्रबंधन समितियों, हाउसिंग सोसायटियों, कॉलोनाइजरों, रखरखाव एजेंसियों और अन्य संबंधित संस्थाओं को भी इन नियमों की जानकारी देकर उनका पालन सुनिश्चित कराया जाए।
जागरूकता अभियान और मॉक ड्रिल होगी अनिवार्य
फायर सेफ्टी को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही आवश्यकता के अनुसार मॉक ड्रिल आयोजित करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की त्वरित और सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की जा सके।
लिफ्ट सुरक्षा को लेकर भी समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि नियमित निरीक्षण, सुरक्षा मानकों का पालन और जनजागरूकता के माध्यम से बहुमंजिला भवनों में होने वाली दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

