नकली सोना गिरवी रखकर डेढ़ करोड़ की ठगी, गैंग के 7 आरोपी गिरफ्तार
जयपुरः राजस्थान के टोंक जिले में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने सात शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने नकली सोने की चूड़ियां गिरवी रखकर लाखों रुपये का गोल्ड लोन लिया था। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह ने अलग-अलग जगहों पर इसी तरीके का इस्तेमाल करके कुल मिलाकर लगभग ₹1.5 करोड़ का लोन लिया था। पुलिस की जांच एवं पूछताछ में सामने आया कि आरोपित उत्तरप्रदेश के मेरठ से सोने जैसी दिखने वाली नकली चूडियां बहुत कम दामों में खरीद कर लाते थे और फिर राज्य में गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों अथवा साहूकारों से उन्हे गिरवी रखकर कर्ज लेते थे। टोंक के मेहंदवास थाना पुलिस में मामला दर्ज हुआ है।
दोबारा लोन लेने पहुंचा युवक तो हुआ शक
यह घटना टोंक के मेहंदवास पुलिस स्टेशन इलाके में हुई। लंबा चमनपुरा गांव के रहने वाले अंकित शर्मा ने करीब नौ महीने पहले नजरबाग रोड पर स्थित एक गोल्ड लोन कंपनी से 40हजार का लोन लिया था। 6 अगस्त को वह फिर उसी कंपनी में गए और इस बार चार चूड़ियां गिरवी रखकर लोन मांगा।
नकली सोने की चूड़ियां, जिससे आरोपी लेते थे लोन
कंपनी मैनेजर के अनुसार, चूड़ियां बिल्कुल असली सोने जैसी दिख रही थीं। कसौटी पर जांचने पर वे असली भी साबित हुईं। चूंकि अंकित ने पहले भी कंपनी से लोन लिया था, इसलिए स्टाफ ने उस पर भरोसा किया। कंपनी ने उन चार चूड़ियों के बदले उसे लगभग 4.39 लाख का लोन दे दिया। हालांकि, 8 अगस्त की सुबह अंकित दोबारा कंपनी पहुंचा और रुपयों की जरूरत बताते हुए अपने दोस्तों की चूड़ियां गिरवी रखने की बात कही। इस बार मैनेजर को शक हुआ। उन्होंने पुलिस को सूचना देने के साथ चूड़ियों की गहन जांच कराई। जांच में चूड़ियां नकली निकलीं।
पुलिस को देखते ही भागने लगे आरोपी
जैसे ही नकली सोने का राज खुला, कंपनी मैनेजर ने अंकित और उसके साथियों को आगाह कर दिया कि पुलिस आ रही है। इसके बाद आरोपी वहां से भागने की कोशिश करने लगे। वे दो कारों में भागने ही वाले थे कि पुलिस की तीन टीमें वहां पहुंच गईं, इलाके को घेर लिया और उन सभी को पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से सोने की आठ नकली चूड़ियाँ और दो लग्जरी कारें बरामद की हैं।
मेरठ से लाते थे नकली सोने की चूड़ियां
पुलिस की पूछताछ से पता चला कि आरोपी उत्तर प्रदेश के मेरठ से ऐसी चूड़ियां लाते थे जिन पर सोने जैसी चमकदार परत चढ़ी होती थी। ये चूड़ियां बिल्कुल असली सोने जैसी दिखती थीं। इसके बाद गिरोह के सदस्य अलग-अलग जगहों पर लोगों और गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों को अपने जाल में फंसाते थे और इन चूड़ियों के बदले लाखों रुपये का लोन लेकर पैसे लेकर भाग जाते थे।
मेहंदवास थाना प्रभारी भंवरलाल वैष्णव ने बताया कि इस गिरोह का सरगना भरतपुर जिले का मूल निवासी अजहरुद्दीन है जो वर्तमान में जयपुर में रहता है। पुलिस के मुताबिक गिरोह में भंवर सिंह राजपूत (माधोराजपुरा, जयपुर निवासी), दीपक शर्मा (सांगानेर, जयपुर), सिकंदर कुमावत (उनियारा, टोंक), शहजाद (साहिबाबाद, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश), भंवर लाल खारोल (माधोराजपुरा, जयपुर) और अंकित शर्मा (लांबा चमनपुरा, टोंक) शामिल हैं।
पूछताछ से पता चला है कि इस गैंग ने लगभग छह अलग-अलग जगहों पर धोखाधड़ी करने के लिए इसी तरीके का इस्तेमाल किया और करीब 1.5 करोड़ का लोन लिया। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि गैंग द्वारा किए गए अन्य अपराधों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके।(एजेंसी)

