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नशे के खिलाफ केंद्र का बड़ा अभियान, अमित शाह ने राज्यों को दिए सख्त निर्देश

Union Home Minister Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ इस लड़ाई में या तो हम जीतेंगे या फिर ड्रग्स हमें खत्म कर देंगे। नारको-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की 10वीं शीर्ष-स्तरीय बैठक में शाह ने राज्यों को साफ चेतावनी दी कि ड्रग तस्करों के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। हालांकि, जो लोग ड्रग की लत का शिकार हो गए हैं, उनके साथ मानवीय व्यवहार किया जाएगा।

‘पहचानो, अलग करो और जड़ से खत्म करो’

शाह ने राज्यों को एक सीधा और असरदार फॉर्मूला दिया- “Detect, Deduct and Destroy” यानी पहचानना, अलग करना और जड़ से खत्म करना। उन्होंने कहा कि ड्रग माफिया के सरगनाओं को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। डार्क वेब पर नशीले पदार्थों के कारोबार को खत्म करना, गैर-कानूनी सिंथेटिक ड्रग फैक्टरियों को बंद करना और तस्करी के नेटवर्क को तोड़ना अब सबसे बड़ी प्राथमिकताएं बन गई हैं।

ड्रग्स किनपिंग को किसी भी कीमत में छोड़ा नहीं जाना चाहिए

केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि ड्रग्स के बड़े तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। तस्करों के पूरे नेटवर्क को खत्म किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में NCORD की 15,876 बैठकें हुई हैं। बैठकों की संख्या तो बढ़ रही है, लेकिन क्या इनसे असल में कोई बदलाव आ रहा है? क्या इन बैठकों में लिए गए फैसलों पर अमल हो रहा है? क्या बाद की बैठकों में उन फैसलों की समीक्षा की जाती है? अगर ऐसा नहीं है, तो बैठकों की संख्या बढ़ाने का कोई फायदा नहीं है। उन्होंने मुख्य सचिवों और पुलिस प्रमुखों से कहा कि वे यह पक्का करें कि NCORD की बैठकें सिर्फ कागजी खानापूर्ति बनकर न रह जाएं, बल्कि उनसे ठोस नतीजे निकलें।

12 सालों में ड्रग्स की जब्ती 5 गुना बढ़ी

अमित शाह ने बताया कि 2004 से 2014 के बीच देश भर में लगभग 40,000 करोड़ कीमत की 26 लाख किलोग्राम सिंथेटिक ड्रग्स ज़ब्त की गई थीं। हालांकि, 2014 से 2026 के बीच यह आंकड़ा चार गुना से ज्यादा बढ़कर 1.18 करोड़ किलोग्राम हो गया, जिसकी अनुमानित कीमत 1.84 लाख करोड़ है। शाह ने इसे सरकार की बढ़ती मजबूती और सतर्कता का सबूत बताया और कहा कि जब्ती की मात्रा जितनी ज्यादा होगी, उतना ही साफ तौर पर यह पता चलेगा कि अभियान सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।

सिर्फ पुलिस और सरकार पर निर्भर रहने से काम नहीं चलेगा। शाह ने साफ कहा कि इस लड़ाई में समाज के हर वर्ग को साथ आना होगा।उन्होंने कहा कि इस अभियान के लिए तीन समूहों की ताकत का इस्तेमाल किया जाना चाहिए—समाज को राह दिखाने वाले संत, देश के भविष्य का प्रतिनिधित्व करने वाले युवा और परिवार की नींव रखने वाली माताएं। भले ही यह बात भावुक लगे, लेकिन शाह का संदेश बिल्कुल साफ था। ड्रग्स की लत के खिलाफ लड़ाई सिर्फ कानूनों और जोर-जबरदस्ती से नहीं जीती जा सकती। इसके लिए सामाजिक जागरूकता की जरूरत है।

शाह ने राज्यों को निर्देश दिया कि वे अपराधों से जुड़ी जानकारी NCB द्वारा बनाए गए पोर्टल्स पर समय पर अपलोड करें। इससे केंद्र सरकार राज्यों को समय पर सुझाव और मदद दे सकेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रियल-टाइम जानकारी साझा करना जरूरी है। इसके बिना, एक साझा रणनीति बनाना संभव नहीं है। (अर्जेंसी)

 

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