प्ले स्टोर पर हुई Telegram की अचानक वापसी! लेकिन यूजर्स को लगा बड़ा झटका, इस पॉपुलर फीचर पर सरकार ने जारी रखी रोक
भारत में नीट यूजी री-एग्जामिनेशन के चलते अचानक बैन किए गए पॉपुलर मैसेजिंग ऐप ‘टेलीग्राम’ (Telegram) को लेकर एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर आई है। परीक्षा के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होते ही टेलीग्राम की गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) पर धमाकेदार वापसी हो गई है। लेकिन ऐप डाउनलोड करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए एक बुरी खबर भी है। सरकार ने टेलीग्राम को वापस तो आने दिया है, लेकिन इसके एक ऐसे सबसे काम के फीचर का हाथ-पैर बांध दिया है, जिसका इस्तेमाल आप आने वाले कई दिनों तक बिल्कुल नहीं कर पाएंगे। आखिर सरकार ने इस फीचर पर ब्रेक क्यों लगाया है और इसे लेकर टेलीग्राम के मालिक ने क्या तीखा बयान दिया है? पूरी इनसाइड स्टोरी जानने के लिए आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें।
नीट री-एग्जाम के बाद खत्म हुआ Telegram का ‘वनवास’
मैसेजिंग की दुनिया के दिग्गज ऐप टेलीग्राम (Telegram) के करोड़ों भारतीय यूजर्स के लिए राहत भरी खबर है। नीट परीक्षा के मद्देनजर देश में कुछ समय के लिए अस्थायी रूप से ब्लॉक किए जाने के बाद अब Telegram ऐप ने दोबारा गूगल प्ले स्टोर पर एंट्री मार ली है।
दरअसल, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित कराई गई NEET UG Re-Examination को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एहतियात के तौर पर Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया था। यह सख्त रोक 16 जून 2026 से लेकर 22 जून 2026 तक पूरे सात दिनों के लिए प्रभावी रही थी, जिसके कारण भारतीय यूजर्स इस ऐप को न तो अपडेट कर पा रहे थे और न ही नए लोग इसे डाउनलोड कर पा रहे थे।
आखिर क्यों सरकार को उठाना पड़ा था ब्लॉक करने का कदम?
सरकार और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) का मानना था कि नीट जैसी देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं के दौरान सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स का गलत इस्तेमाल होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।
आरोप था कि परीक्षा से ठीक पहले कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा टेलीग्राम पर फर्जी प्रश्नपत्र, पेपर लीक से जुड़ी अफवाहें और भ्रामक जानकारियां धड़ल्ले से फैलाई जा रही थीं। टेलीग्राम का सुरक्षा ढांचा और नीतियां इस तरह की अवैध गतिविधियों को तुरंत और पूरी तरह से रोकने में पूरी तरह सफल नहीं हो पा रही थीं। चूंकि इससे परीक्षा की पारदर्शिता, निष्पक्षता और लाखों छात्रों के भविष्य पर सीधा असर पड़ सकता था, इसलिए आईटी मंत्रालय ने सुरक्षात्मक रुख अपनाते हुए इसे कुछ दिनों के लिए पूरी तरह सस्पेंड (Temporary Block) करने का बड़ा फैसला लिया था।
ऐप तो वापस आ गया, लेकिन ‘मैसेज एडिट’ फीचर पर अभी भी ताला!
नीट यूजी का री-एग्जाम सफलतापूर्वक और बिना किसी पेपर लीक की पुष्टि के संपन्न हो चुका है, जिसके बाद सरकार ने टेलीग्राम को प्ले स्टोर पर दोबारा लाइव कर दिया है। अब यूजर्स इसे पहले की तरह आसानी से इंस्टॉल कर सकते हैं। लेकिन कहानी में एक बहुत बड़ा ट्विस्ट है।
सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टेलीग्राम के सबसे लोकप्रिय और महत्वपूर्ण ‘मैसेज एडिट फीचर’ (Message Edit Feature) पर अभी भी प्रतिबंध बरकरार रखा है।
30 जून तक लगी रोक: आईटी मंत्रालय के कड़े निर्देश के अनुसार, टेलीग्राम का मैसेज एडिट करने वाला यह ऑप्शन 30 जून 2026 तक पूरी तरह से डिसेबल (बंद) रहेगा। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप किसी को कोई मैसेज भेजते हैं, तो उसे बाद में बदल या सुधार नहीं पाएंगे। सरकार का इसके पीछे मुख्य उद्देश्य यह है कि कोई भी व्यक्ति गलत जानकारी या अफवाह फैलाने के बाद अपने मैसेज को एडिट करके सबूतों के साथ छेड़छाड़ न कर सके।
Telegram के सीईओ पावेल ड्यूरोव ने जताई नाराजगी
सरकार के इस सख्त और अभूतपूर्व फैसले से टेलीग्राम कंपनी खुश नहीं है। टेलीग्राम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पावेल ड्यूरोव (Pavel Durov) ने भारत सरकार के इस कदम की खुलकर आलोचना की है। उन्होंने अपने एक बयान में सरकार के इस रवैये पर आपत्ति जताते हुए इसे बेहद कठोर और जरूरत से ज्यादा सख्त कदम करार दिया है। ड्यूरोव का मानना है कि किसी एक घटना या अफवाह के चलते पूरे ऐप के कोर फीचर्स को इस तरह ब्लॉक करना यूजर्स की स्वतंत्रता के खिलाफ है। हालांकि, भारतीय कानूनों और नियमों के आगे झुकते हुए कंपनी को फिलहाल इस शर्त को मानना पड़ा है।

