रोजगार, हाट और बायोगैस… साय कैबिनेट के 3 बड़े फैसले
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में ग्रामीण रोजगार, आजीविका संवर्धन और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। सरकार ने ऐसे प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिनका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
ग्रामीण परिवारों को मिलेगा अतिरिक्त रोजगार का अवसर
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक नई रोजगार आधारित योजना को स्वीकृति दी गई। इसके तहत पात्र परिवारों के वयस्क सदस्यों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों तक अकुशल श्रम आधारित कार्य उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के माध्यम से जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के विकास, सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार संयुक्त रूप से वित्तीय सहयोग करेंगी।
‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ से बढ़ेगा स्थानीय कारोबार
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और सेवा आधारित केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों में कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, डेयरी, हस्तशिल्प, सिलाई-बुनाई, डिजिटल सेवाएं और अन्य स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे ग्रामीणों की आय में वृद्धि होने की उम्मीद है।
जैविक कचरे से बनेगी स्वच्छ ऊर्जा
मंत्रिपरिषद ने कंप्रेस्ड बायोगैस नीति-2026 को भी मंजूरी दी है। इस नीति के तहत कृषि अवशेष, पशु अपशिष्ट, नगरीय ठोस कचरे और अन्य जैविक संसाधनों का उपयोग कर स्वच्छ ईंधन का उत्पादन किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे अपशिष्ट प्रबंधन की समस्या कम होगी, पर्यावरण को लाभ मिलेगा और ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत विकसित होंगे।
तकनीक के जरिए होगी बेहतर निगरानी
नई योजनाओं के संचालन और निगरानी में डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इससे विकास कार्यों की मॉनिटरिंग आसान होगी और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी। सरकार का लक्ष्य है कि योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे।
रोजगार, उद्यमिता और हरित विकास को मिलेगा बढ़ावा
कैबिनेट के इन फैसलों को ग्रामीण विकास और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, स्थानीय उत्पादन को बाजार मिलेगा और हरित ऊर्जा क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी।

