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छत्तीसगढ़ में शुरू होगी ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ योजना, साय कैबिनेट ने दी मंजूरी

CG Cabinet Meeting: मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन के कैबिनेट हॉल में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की एक अहम बैठक हुई। बैठक में राज्य के विकास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार पैदा करने से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

मंत्रिपरिषद ने कई अहम प्रस्तावों को मंज़ूरी दी, जिनमें खास तौर पर ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ योजना और छत्तीसगढ़ कंप्रेस्ड बायोगैस (CG-CBG) पॉलिसी 2026 शामिल हैं। कैबिनेट के इन फैसलों को ग्रामीण विकास, स्वरोजगार, पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ आर्थिक विकास की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ योजना शुरू करने का अहम फैसला

मंत्रिपरिषद की बैठक में “अटल आजीविका समृद्धि हाट” योजना शुरू करने का एक अहम फैसला लिया गया। इस योजना का मकसद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए मौके पैदा करना है। इस योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में कई तरह की सुविधाएं बनाई जाएंगी, जैसे कि क्रिएशन सेंटर (हैंडलूम, बुनाई, सिलाई, हस्तशिल्प वगैरह के लिए), प्रोसेसिंग यूनिट (दाल, तिलहन, चावल मिलिंग, डेयरी वगैरह के लिए), सर्विस सेंटर (जैसे कोल्ड स्टोरेज, सोलर ड्रायर, खेती के औज़ारों की मरम्मत और अटल डिजिटल सेंटर), और साथ ही मार्केटिंग और सप्लाई सेंटर।

रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे

इस योजना का उद्देश्य उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर और मशीनरी का बेहतर इस्तेमाल करके स्थानीय स्तर पर उत्पादन, प्रोसेसिंग, सर्विस और मार्केटिंग गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इससे ग्रामीणों को अपने ही इलाके में रोजगार और स्वरोजगार के नए मौके मिलेंगे और स्थानीय उत्पादों के लिए बाजार तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी। इस योजना को लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को नोडल एजेंसी और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।

प्रदेश की ग्रामीण आजीविका को मजबूत आधार प्राप्त होगा

“अटल आजीविका समृद्धि हाट” खेती, फ़ूड प्रोसेसिंग, सर्विस बिजनेस, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी और ग्रामीण बाजारों को नई गति देगा और साथ ही राज्य में ग्रामीण आजीविका के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा।

बायोगैस नीति को मिली मंजूरी

इस बीच, मंत्रिपरिषद ने आज “छत्तीसगढ़ कंप्रेस्ड बायोगैस पॉलिसी (CG-CBG पॉलिसी), 2026” के मसौदे को भी मंजूरी दे दी है। इस पॉलिसी के तहत, राज्य में उपलब्ध कृषि अवशेषों, नगरपालिका के ठोस कचरे, पशुधन से निकलने वाले कचरे और अन्य जैविक संसाधनों का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया जाएगा और उन्हें कंप्रेस्ड बायोगैस—एक साफ गैसीय ईंधन—में बदला जाएगा।

यह पॉलिसी वेस्ट मैनेजमेंट, पर्यावरण संरक्षण, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी, बायो-फर्टिलाइजर उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देगी। ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ के अनुसार, राज्य में सालाना लगभग 5 लाख टन CBG का उत्पादन करने की क्षमता है। इस पॉलिसी को लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल डेवलपमेंट अथॉरिटी को राज्य की नोडल एजेंसी बनाया गया है और ऊर्जा विभाग को ज़रूरी गाइडलाइंस और प्रशासनिक आदेश जारी करने का अधिकार दिया गया है।(एजेंसी)

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