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रील बनाने निकले यूट्यूबर गिरफ्तार, सोने की समझकर लुटा नकली हार

CG News : जिले के दुर्गकोंदल थाना क्षेत्र में सामने आई एक झपटमारी की वारदात ने पुलिस के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया है। घटना की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपियों का संबंध किसी पेशेवर आपराधिक गिरोह से नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के लिए कंटेंट बनाने वाले यूट्यूबर समूह से बताया जा रहा है। पुलिस जांच के अनुसार, रायपुर से रील शूट करने निकले युवक-युवतियों ने रास्ते में एक महिला के गले में चमचमाता हार देखा और उसे सोने का गहना समझ बैठे। लालच इतना बढ़ा कि उन्होंने मौके पर ही झपटमारी की योजना बना ली। महिला खेत से लौट रही थी और उसे अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही मिनटों में वह अपराध का शिकार बनने वाली है। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, लेकिन पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए मामले का खुलासा कर दिया। उपलब्ध पुलिस जानकारी के अनुसार एक आरोपी को रायपुर से गिरफ्तार किया गया है और घटना में प्रयुक्त कार भी जब्त कर ली गई है.

रील शूटिंग का प्लान, फिर अचानक बदली कहानी

पुलिस के अनुसार 3 जून को रायपुर निवासी सूर्य गुप्ता, माही बंजारे, आशीष भट्टाचार्य और कैमरामैन पवन किराये की कार से पंखाजूर की ओर जा रहे थे। बताया गया कि समूह सोशल मीडिया कंटेंट और रील शूटिंग के लिए निकला था। रास्ते में तेज गर्मी और आर्थिक तंगी की चर्चा के बीच आगे का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। इसी दौरान दुर्गकोंदल क्षेत्र के विक्रमगंज गांव के पास उनकी नजर खेत से लौट रही महिला कुमारी बाई साहू पर पड़ी।

चमकते हार ने बदली नीयत

जांच में सामने आया कि महिला के गले में चमकीला हार देखकर आरोपियों को वह सोने का आभूषण लगा। आरोप है कि एक युवक कई बार कार से उतरकर महिला के पास गया। पहले सामान्य बातचीत की गई। फिर मौका मिलते ही हार झपटकर आरोपी कार में बैठे और फरार हो गए।

सीसीटीवी और मोबाइल डेटा से खुला राज

भानुप्रतापपुर पुलिस ने आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। कार की पहचान होने के बाद पुलिस ने मोबाइल टावर डंप और लोकेशन विश्लेषण का सहारा लिया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक किया गया और एक आरोपी आशीष भट्टाचार्य को रायपुर स्थित फ्लैट से गिरफ्तार कर लिया गया। घटना में प्रयुक्त कार भी जब्त कर ली गई। पुलिस आगे अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

नकली हार निकला पूरी कहानी का ट्विस्ट

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिस हार को सोने का समझकर छीना गया था, वह असली सोना नहीं था। उसकी कीमत लगभग 500 रुपए बताई जा रही है। यह खुलासा सामने आने के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि गहना असली हो या नकली, झपटमारी एक गंभीर अपराध है और कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है और सभी संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। (एजेंसी)

 

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