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Ghost Malls : महानगरों में घट रहा है शॉपिंग मॉल का क्रेज, 64 मॉल बने भूत बंगला

Ghost Malls :

Ghost Malls : देश के 8 प्रमुख महानगरों में खाली शॉपिंग मॉल (घोस्ट मॉल) की संख्या साल 2023 में बढ़कर 64 हो गई है, लेकिन अब शायद लोगों का मॉल कल्चर से मोहभंग हो रहा है।

Ghost Malls रायपुर। देशभर के महानगरों में पिछले 2 दशक में मॉल शॉपिंग का क्रेज बढ़ा। लिहाजा बड़े शहरों से मॉल तेजी से खुले और उनमें निवेश भी हुआ पर अब शायद मॉल कल्चर से लोगों को मोह भंग होता जा रहा है। जानकारों का कहना है कि ऑनलाइन डिलीवरी कल्चर ने शॉपिंग मॉलों को भूत बंगला बनाने में बड़ी भूमिका अदा की है।

63 मॉल भूत बंगले बने

दरअसल, देश के 8 बड़े प्रमुख महानगरों में खाली पड़े शॉपिंग मॉल (घोस्ट मॉल) की संख्या वर्ष 2023 में बढ़कर 64 हो गई है, जो 2022 में 57 थी। नाइट फ्रेंक के अनुसार इस साल शॉपिंग मॉल्स में खाली स्पेस (जगह) 59 प्रतिशत बढ़कर 1 करोड़ 33 लाख वर्ग फीट हो गई है। जिसमें 6700 करोड़ का नुकसान होने का अनुमान है। बताया जा रहा है कि निवेशक इन दिनों कमर्शियल स्पेस खरीदने के बजाय प्रीमियर प्रॉपर्टी में निवेश कर रहे हैं। इसलिए मॉल्स को किराएदार नही मिल पा रहे हैं। 2023 में 64 मॉल्स को घोस्ट शॉपिंग माल्स (सेंटर) के रूप में वर्गीकृत किया गया। ‘घोस्ट शॉपिंग सेंटर’ से तात्पर्य उन मॉल से है, जो 40% से अधिक खाली हैं। 2023 में 8 मॉल खुलने के बावजूद 2022 के मुकाबले इनकी संख्या घटी है। मेट्रो सीरीज में शॉपिंग सेंटर्स की संख्या घटकर 263 रह गई है। क्योंकि पिछले बरस 16 शॉपिंग मॉल्स बंद हो गए।

कहां कितना स्पेस खाली

स्थिति को समझने के लिए निम्नलिखित आंकड़ों पर सरकारी नजर डाले तो सब कुछ स्पष्ट हो जाता है। कहां कितना स्पेस (जगह) खाली है। खुली एरिया को 2 लाख वर्ग फीट में पढ़े एनसीआर घोस्ट मॉल 21, खाली एरिया 53, इजाफा 58%। मुंबई घोस्ट मॉल 10,खाली एरिया 21, इजाफा 86%। बेंगलुरु घोस्ट मॉल 12, खाली एरिया 20, इजाफा 46%। अहमदाबाद घोस्ट मॉल 04, खाली एरिया 11,इजाफा 191%। कोलकाता घोस्ट मॉल 06, खाली एरिया 11, इजाफा 237 %। हैदराबाद घोस्ट मॉल 05, खाली एरिया 09, इजाफा 19 %। पुणे घोस्ट मॉल 03, खाली एरिया 4.5 इजाफा 35%। चेन्नई घोस्ट मॉल 03,खाली एरिया 04,इजाफा 11 %।

महानगरों में मॉल की बुरी हालत

इधर छोटे शहरों की बात करें तो यहां भी उपरोक्त रुझान के संकेत मिलने लगे हैं। खाली एरिया को लाख वर्ग फीट में पढ़े लखनऊ 57, कोच्चि 23, जयपुर21, इंदौर 20, कोइनिकोड 17, भोपाल 13 एवं रायपुर में 12 लाख वर्ग फीट स्पेस (जगह) खाली है। महानगरों के शॉपिंग मॉल में इनके रिटेल आउट लेट्स है प्रतिशत में कुल का 33 प्रतिशत फूड बेवरेज 16% । एसेसिरीज 13 प्रतिशत। फुटवियर 8 प्रतिशत। ब्यूटी प्रोडक्ट 8%। इलेक्ट्रॉनिक 5%। अन्य 14% । जानकारों के मध्य चर्चा है उपरोक्त हालात का एक बड़ा कारक ऑनलाइन डिलीवरी कल्चर भी है। मॉल्स के ज्यादातर ग्राहक (90 से 95%) उच्च माध्यम वर्ग से हैं। जिनमें से ऑनलाइन सामान मंगवा दे रहे है। इसी तरह फूड डिलीवरी ऑनलाइन तेजी से बढ़ी है।

नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा, ‘‘ बढ़ती खर्च योग्य आय, युवा जनसांख्यिकी और शहरीकरण से प्रेरित उपभोग की गति संगठित खुदरा क्षेत्र के पक्ष में है.’’ उन्होंने कहा कि खरीदारों के लिए बेहतर खुदरा अनुभव महत्वपूर्ण है, जो भौतिक खुदरा स्थानों के महत्व को उजागर करता है। नाइट फ्रैंक ने इस बात पर भी जोर दिया कि एक वर्ष में महानगरों में में शॉपिंग केंद्र की कुल संख्या भी घटी है। रिपोर्ट के अनुसार, आठ नए खुदरा केंद्र जुड़ने के बावजूद 2023 में शॉपिंग केंद्र की कुल संख्या घटकर 263 रह गई क्योंकि पिछले वर्ष 16 शॉपिंग केंद्र बंद हो गए।

(लेखक डा. विजय)

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