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छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में 700 प्राध्यापकों की होगी भर्ती, उच्च शिक्षा मंत्री का बड़ा ऐलान

Chhattisgarh Professor Recruitment 2026: उच्च शिक्षा विभाग उच्च शिक्षा प्रणाली में सुधार लाने और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में हुई समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में 700 रिक्त सहायक प्रोफेसर पदों के लिए तत्काल भर्ती प्रक्रिया को भी मंजूरी दी गई।

31 जुलाई तक प्राचार्यों की पदोन्नति के निर्देश

मंत्री वर्मा ने अधिकारियों को प्रक्रिया में देरी न करने का निर्देश दिया। विभाग में अन्य रिक्त पदों को भरने का प्रस्ताव भी सरकार को भेजा जाएगा। सीजीपीएससी के माध्यम से प्रोफेसरों की सीधी भर्ती के लिए दस्तावेज सत्यापन में तेजी लाई जाएगी। उच्च शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्नातक प्रधानाध्यापकों की पदोन्नति 31 जुलाई तक पूरी कर ली जाए।

उन्होंने कहा, “नए शैक्षणिक वर्ष में किसी भी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में नियमित प्राचार्य की नियुक्ति अनिवार्य होगी।” शिक्षकों और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए भी निर्णय लिए गए। 2019 से पहले नियुक्त सहायक प्रोफेसरों को 1990 के नियमों के तहत प्रोफेसर पद पर पदोन्नत किया जाएगा। अतिथि प्रोफेसरों की मांगों को संबोधित करने के लिए गठित समिति की रिपोर्ट पर सरकार त्वरित कार्रवाई करेगी। सहायक ग्रेड-3 और ग्रेड-4 पदों पर नियुक्तियां राज्य कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से पारदर्शी तरीके से की जाएंगी।

मंत्री वर्मा ने कहा- किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी

ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के छात्रों के लिए कॉलेजों में 90 घंटे का 90 दिन का विशेष अंग्रेजी संप्रेषण पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए मंत्री वर्मा ने कहा, “किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” नए कॉलेजों के विकास के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए जाएंगे।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति का विस्तार अब स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों पर भी लागू होगी। विभाग ने अपर संचालक के पद को ‘प्राचार्य’ के पद से अलग करने का भी निर्णय लिया है। प्राचार्यों के कार्यकाल काका ऑडिट लेखा उत्तीर्ण कर्मचारियों से करवाया जाएगा। बैठक में सचिव, आयुक्त और उच्च शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

उच्च शिक्षा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और बेहतर प्रशासन के लिए समय पर भर्ती और नियमित नियुक्तियाँ आवश्यक हैं। यदि सरकार निर्धारित समय सीमा के भीतर इन निर्णयों को लागू करती है, तो इससे न केवल महाविद्यालय प्रणाली मजबूत होगी बल्कि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण का लाभ भी मिलेगा।(एजेंसी)

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