Wed. Aug 19th, 2026

मेरठ में स्वाइन फ्लू के 7 मरीज, स्वास्थ्य विभाग हुआ अलर्ट

मेरठ: मेरठ में स्वाइन फ्लू का संक्रमण तेजी से फैलता दिख रहा है। मां-बेटे समेत तीन नए मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही जिले में संक्रमित मरीजों की कुल संख्या सात हो गई है। नए मामलों में लगातार हो रही वृद्धि से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। संक्रमण के मद्देनजर मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाए जा रहे हैं। इसी बीच, मेरठ के एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले भी इस संक्रमण की चपेट में आ गए हैं।

संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है और उपचार की तैयारी भी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. रामप्रसाद ने बताया कि विभाग स्वाइन फ्लू की रोकथाम और उपचार के लिए पूरी तरह तैयार है। मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली टेमी फ्लू दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी करेंगी।

विशेष स्‍वास्‍थ्‍य शिविर लगेंगे

नोडल अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार के अनुसार, झुग्गी-झोपड़ियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में लोगों की जांच की जाएगी और जिन लोगों में फ्लू जैसे लक्षण पाए जाएंगे, उन्हें आवश्यक उपचार और चिकित्सा सलाह दी जाएगी। विभाग का मुख्य उद्देश्य शुरुआती चरण में ही मरीजों की पहचान करना और संक्रमण को फैलने से रोकना है।

श्वसन तंत्र पर सीधा असर करता है वायरस, क्या होते है लक्षण

वरिष्ठ चिकित्सक और आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि स्वाइन फ्लू एक श्वसन संबंधी बीमारी है जो टाइप ए इन्फ्लूएंजा वायरस, जिसे एच1एन1 वायरस के नाम से जाना जाता है, के कारण होती है। यह वायरस समय-समय पर बदलता रहता है, और इसके लक्षण जैसे लगातार नाक बहना, छींक आना, नाक बंद होना और मांसपेशियों में दर्द हो सकते हैं। फ्लू जैसे लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज करने के बजाय, तुरंत चिकित्सा सलाह लेना महत्वपूर्ण है। वहीं, मेरठ में सभी वरिष्ठ फिजिशियन डॉक्टरों के यहां बुखार, ओर नाक गले में खराश की शिकायत वाले मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।

मेडिकल में जांच से लेकर इलाज तक इंतजाम

मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए एक अलग वार्ड है। इस वार्ड में वेंटिलेटर, दवाइयां और मास्क सहित सभी आवश्यक उपचार उपकरण मौजूद हैं। मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में H1N1 परीक्षण की सुविधा भी उपलब्ध है। नए मरीजों के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने व्यवस्थाओं की समीक्षा तेज कर दी है।(एजेंसी)

About The Author