48 घंटे का अल्टीमेटम, मांगें नहीं मानीं तो जयपुर में शुरू होगा बड़ा आंदोलन: अभिजीत दीपके
Jaipur News : जयपुर के कंवरापुरा में एक सरकारी प्राइमरी स्कूल के निरीक्षण के दौरान ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के कार्यकर्ताओं की हाथापाई और गाड़ियों में तोड़-फोड़ की घटना के बाद राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि वे अपने सबसे करीबी सहयोगी और पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और अन्य कार्यकर्ताओं पर हुए हमले के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए खुद जयपुर आएंगे।अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया है कि वे दिल्ली के ऐतिहासिक ‘जंतर-मंतर’ की तर्ज पर उसी कंवरापुरा स्कूल के बाहर बेमियादी धरने पर बैठेंगे, जहां यह पूरा विवाद और हंगामा हुआ था। उन्होंने राजस्थान सरकार और स्थानीय पुलिस-प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए तीन प्रमुख मांगें सामने रखी हैं और चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने तक यह धरना खत्म नहीं होगा।
गौरतलब है कि जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद, सरकारी स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर का मुद्दा पूरे राज्य में राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। अभिजीत दीपके के इस नए रुख के बाद पुलिस प्रशासन भी हाई अलर्ट पर है।
48 घंटे का अल्टीमेटम- CJP की 3 बड़ी मांगें
अभिजीत दीपके ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के ज़रिए अपनी मांगें सार्वजनिक की हैं और राजस्थान सरकार को 48 घंटे की समय-सीमा दी है
1. जर्जर स्कूलों का नवीनीकरण: जयपुर के जर्जर और खस्ताहाल सरकारी स्कूलों की इमारतों को बेहतर बनाने का काम तुरंत शुरू किया जाना चाहिए, ताकि मासूम बच्चों को शेड या पशुओं के बाड़ों में पढ़ने के लिए मजबूर न होना पड़े।
2. हमलावरों की तुरंत गिरफ्तारी: कंवरपुरा में CJP टीम और आशुतोष रांका पर जानलेवा हमला करने वाले ‘बीजेपी समर्थित गुंडों’ की तुरंत पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
3. मीडिया और बाहरी लोगों के प्रवेश पर लगी रोक हटाएं: सरकार को सरकारी स्कूलों में मीडिया और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने वाले प्रशासनिक आदेश को तुरंत वापस लेना चाहिए।
जब तक स्कूल दुरुस्त नहीं होगा, वहीं जमे रहेंगे : अभिजीत दीपके
सोशल मीडिया पर कड़ा रुख अपनाते हुए, अभिजीत दीपके ने ऐलान किया कि वे अपने कर्मचारियों की सुरक्षा और बच्चों के अधिकारों के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे। एक वीडियो संदेश में दीपके ने कहा, “हम उसी स्कूल के बाहर धरना देंगे जहां हंगामा हुआ था। हमारा आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक स्कूल को बेहतर बनाने का काम असल में शुरू नहीं हो जाता। हम अपने देश के बच्चों को कामचलाऊ शेड या जर्जर इमारतों में नहीं पढ़ने देंगे; वे बेहतर क्लासरूम के हकदार हैं।”
आमजन और समर्थकों से जयपुर पहुंचने की अपील
अभिजीत दीपके ने न सिर्फ जयपुर जाने का ऐलान किया है, बल्कि राजस्थान की आम जनता, अभिभावकों और CJP समर्थकों से भी इस सत्याग्रह में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल या कार्यकर्ता की नहीं है, बल्कि राजस्थान के लाखों वंचित बच्चों के भविष्य से जुड़ी है। दीपके के अनुसार, अगर पुलिस और प्रशासन 48 घंटों के भीतर सख्त कार्रवाई नहीं करते हैं, तो राज्य भर से लोग अनिश्चितकालीन धरने के लिए कंवरापुरा में इकट्ठा होंगे।
CJP के दावों-आरोपों पर क्या बोले स्थानीय लोग
बीजेपी पर निशाना साधते हुए दीपक ने कहा, “मैं खास तौर पर बीजेपी के लोगों से कहना चाहता हूं कि आप हम पर चाहे कितने भी हमले क्यों न करें, हम पीछे नहीं हटेंगे। हम यह पक्का करेंगे कि स्कूल की मरम्मत हो।” वहीं, स्थानीय निवासियों और बीजेपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्कूल की मरम्मत स्थानीय स्तर पर ही की जा सकती है। उनका दावा है कि सरकार पहले ही इसके लिए धन मंजूर कर चुकी है। ऐसे में अब स्कूल की स्थिति और CJP कार्यकर्ताओं के साथ हुए कथित विवाद को लेकर राजनीतिक टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा है। (एजेंसी)

