Vrindavan Gurukul Accident: वृंदावन के महर्षि पाणिनि गुरुकुल में बड़ा हादसा; 220 वर्ग गज के मकान में चल रहे हॉस्टल में दम घुटने से 4 छात्रों की मौत
Vrindavan Gurukul Accident: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के अंतर्गत आने वाले धार्मिक शहर वृंदावन में प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने चार मासूमों की जिंदगी लील ली है। चैतन्य विहार स्थित महर्षि पाणिनि गुरुकुल में मंगलवार देर रात हुए एक दर्दनाक हादसे में चार छात्रों की मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। इस घटना के बाद से हॉस्टल संचालन और प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
220 वर्ग गज में रह रहे थे 100 से अधिक छात्र
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, वृंदावन के चैतन्य विहार स्थित इस गुरुकुल का हॉस्टल महज 220 वर्ग गज के छोटे से भवन में संचालित किया जा रहा था। हैरान करने वाली बात यह है कि इतने छोटे परिसर में 100 से अधिक छात्र रहने को मजबूर थे। न तो यहां अग्निशमन (Fire Safety) के कोई पुख्ता इंतजाम थे और न ही स्थानीय प्रशासन या संबंधित विभागों द्वारा कभी इसकी भौतिक और धरातलीय जांच की गई थी।
प्रशासन की कार्यप्रणाली और जांच पर उठे सवाल
हाल ही में दिल्ली और लखनऊ में आगजनी तथा अन्य हादसों के बाद जिला प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों और हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के बड़े-बड़े दावे किए थे। कई हॉस्टलों का निरीक्षण भी किया गया, लेकिन वृंदावन के इस गुरुकुल तक प्रशासनिक अमला नहीं पहुंच पाया। यदि समय रहते इस संस्थान की व्यवस्थाओं और पंजीकरण की जांच कर ली जाती, तो शायद यह बड़ा हादसा टल सकता था। घटना की सूचना मिलते ही देर रात 12 बजे एसएसपी श्लोक कुमार और एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। जिला प्रशासन अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच करवा रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कह रही है।
छात्रों का वेरिफिकेशन और परिजनों को सूचना
हादसे के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। एसएसपी श्लोक कुमार ने हॉस्टल में रह रहे सभी बच्चों से बातचीत की और उन्हें ढांढस बंधाते हुए उनके स्वजनों को इस घटना की तुरंत जानकारी देने को कहा। इसके साथ ही पुलिस ने सभी छात्रों का वैरीफिकेशन (सत्यापन) करने के निर्देश भी जारी किए हैं। पूछताछ के दौरान छात्रों ने बताया कि उन्होंने अखबारों और विज्ञापनों में विज्ञापन देखकर इस गुरुकुल में दाखिला लिया था।

