सरकार के मुखिया के रूप में पीएम मोदी की सिल्वर जुबली, दिल्ली के विनायक मंदिर में लिया प्रभु आशीर्वाद
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार के प्रमुख के रूप में 25 गौरवशाली वर्ष पूरे हो गए हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के अवसर पर प्रधानमंत्री ने बुधवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी के सरोजिनी नगर स्थित सुप्रसिद्ध श्री विनायक मंदिर में विधिवत दर्शन और पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान श्री गणेश के चरणों में शीश नवाकर देशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और राष्ट्र की निरंतर प्रगति के लिए मंगल प्रार्थना की।
सोशल मीडिया पर साझा किया संकल्प, जनता के लिए मांगा आशीर्वाद
मंदिर में विशेष अनुष्ठान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर तस्वीरें साझा करते हुए देशवासियों के साथ अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने लिखा कि नई दिल्ली के श्री विनायक मंदिर में विघ्नहर्ता से समस्त देशवासियों के कल्याण की कामना की गई है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि भगवान गणेश के आशीर्वाद से राष्ट्र विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ता रहेगा। साथ ही उन्होंने देश और समाज की सेवा पूरी प्रतिबद्धता और निस्वार्थ भाव से जारी रखने का अपना संकल्प एक बार फिर दोहराया।
13 साल मुख्यमंत्री और 12 साल प्रधानमंत्री: ऐतिहासिक राजनीतिक यात्रा
संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में लगातार ढाई दशक तक शीर्ष संवैधानिक पदों पर बने रहना एक अभूतपूर्व रिकॉर्ड है। नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सत्ता की बागडोर संभाली थी और मई 2014 तक लगातार 13 वर्षों तक राज्य का नेतृत्व कर सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले मुख्यमंत्री बने। इसके बाद राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखते हुए उन्होंने 2014 और 2019 में पूर्ण बहुमत के साथ केंद्र में सरकार बनाई। साल 2024 के लोकसभा चुनावों में लगातार तीसरी बार जनादेश हासिल कर 9 जून 2024 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, जिसके साथ ही वे पिछले 12 वर्षों से देश का नेतृत्व कर रहे हैं।
कैबिनेट ने सराहा नेतृत्व, ऐतिहासिक सेवा यात्रा पर दी बधाई
प्रधानमंत्री की इस अनवरत 25 वर्षीय सेवा यात्रा के उपलक्ष्य में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक विशेष प्रस्ताव पारित कर उन्हें आधिकारिक रूप से बधाई दी। केंद्रीय कैबिनेट ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह मील का पत्थर केवल सत्ता में बने रहने का रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि ‘नागरिक प्रथम’ और ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ की मूल भावना के साथ किए गए व्यवस्थागत सुधारों, जन-कल्याण और मजबूत नेतृत्व की मिसाल है।

