भारी-भरकम किराया वसूलने के बाद भी लेट चल रही है छत्तीसगढ़ की Vande Bharat! एक महीने में 20 से ज्यादा बार हुई लेट, रेलवे के विकास कार्यों के बीच यात्री परेशान
छत्तीसगढ़ में ट्रेनों की लेटलतीफी अब आम यात्रियों के साथ-साथ प्रीमियम सफर करने वालों के लिए भी बड़ा सिरदर्द बन गई है। भारी-भरकम किराया चुकाकर बिलासपुर-नागपुर और विशाखापट्टनम-रायपुर-दुर्ग जैसी Vande Bharat और अमृत भारत एक्सप्रेस में सफर करने वाले यात्री तय समय पर अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
एक महीने में 20 से ज्यादा बार लेट हुई वंदे भारत
आंकड़ों के मुताबिक, बिलासपुर-नागपुर वंदे भारत औसतन 30 से 40 मिनट की देरी से चल रही है और पिछले एक महीने में यह 20 से अधिक बार लेट हुई है। वहीं, विशाखापट्टनम-रायपुर-दुर्ग वंदे भारत औसतन एक घंटे की देरी से चल रही है और पिछले एक महीने में इसके करीब 25 बार विलंबित होने की बात सामने आई है। सफर के दौरान समय बचाने के लिए प्रीमियम किराया देने वाले यात्री इस लेटलतीफी से बेहद नाराज हैं।
9 महीने में 840 ट्रेनें रद्द, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स बन रहे हैं वजह
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में थर्ड-फोर्थ लाइन, नई रेल लाइन और गेज कन्वर्जन जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। वर्तमान में राज्य में करीब 1300 किलोमीटर से ज्यादा के रेल विकास कार्य जारी हैं। नागपुर-झारसुगुड़ा फोर्थ लाइन और रायपुर-धमतरी जैसी परियोजनाओं के कारण रेल संचालन पर असर पड़ा है।
यही वजह है कि पिछले 9 महीनों में विभिन्न सेक्शन में कुल 840 ट्रेनें रद्द की जा चुकी हैं। इनमें 362 एक्सप्रेस/सुपरफास्ट, 318 मेमू और 160 पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। अप्रैल महीने में सबसे ज्यादा 234 ट्रेनें प्रभावित हुई थीं।
यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
ट्रेनों के रद्द होने और प्रीमियम ट्रेनों के लगातार लेट होने से नौकरीपेशा, कारोबारी और रोजाना सफर करने वाले लोकल यात्री बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि रेलवे का मानना है कि ये विकास कार्य भविष्य की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए जरूरी हैं, लेकिन फिलहाल यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

