थाईलैंड में मगरमच्छ खाया, वीडियो डाला… अब उज्जैन के अफसर पर गिरी गाज! क्या है पूरा मामला?
उज्जैन। सरकारी महकमों में छुट्टियों और विदेश यात्राओं के नियम कायदे बेहद सख्त होते हैं, लेकिन उज्जैन नगर निगम के एक जिम्मेदार अफसर इन तमाम नियमों को दरकिनार कर सीधे थाईलैंड में मगरमच्छ की दावत उड़ाते नजर आए। नगर पालिका निगम में भवन अधिकारी के पद पर तैनात राजकुमार राठौर ने थाईलैंड के दौरे पर ऐसा विचित्र स्वाद चखा कि उसका वीडियो इंटरनेट पर वायरल होते ही पूरे नगर निगम प्रशासन में भूचाल आ गया। अब यह विदेशी स्वाद अफसर साहब की नौकरी और पद के लिए मुसीबत का सबब बन चुका है।
विदेशी प्लेट में मगरमच्छ का मांस और सोशल मीडिया पर पोस्ट
उज्जैन नगर निगम के जोन 1, 2 और 3 का प्रभार संभाल रहे भवन अधिकारी राजकुमार राठौर हाल ही में अपनी पत्नी के साथ छुट्टियां बिताने थाईलैंड पहुंचे थे। वहां के खान-पान के दौरान उन्होंने मगरमच्छ का मांस चखने का फैसला किया। इतना ही नहीं, उन्होंने इस पल को कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से साझा भी कर दिया। पोस्ट के साथ उन्होंने लिखा कि वे जिंदगी में पहली बार थाईलैंड में मगरमच्छ का स्वाद चख रहे हैं। जैसे ही यह क्लिप स्थानीय लोगों और प्रशासनिक हलकों में पहुंची, चर्चाओं और आलोचनाओं का बाजार गर्म हो गया।
बिना इजाजत विदेश उड़ान भरने का खुला सच
वीडियो वायरल होते ही जब मामले ने तूल पकड़ा, तो यह सीधे नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा की जानकारी में आया। प्रशासनिक स्तर पर जब अधिकारी की छुट्टियों और यात्रा रिकॉर्ड की जांच की गई, तो पता चला कि भवन अधिकारी महोदय ने इस विदेश यात्रा के लिए किसी भी तरह की पूर्व अनुमति नहीं ली थी। सिविल सेवा आचरण नियमों के मुताबिक, किसी भी शासकीय सेवक को विदेश दौरे पर जाने से पहले विभाग और सक्षम प्राधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होता है, जिसे इस मामले में पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।
अनुशासनहीनता पर सख्त रुख, कारण बताओ नोटिस की तैयारी
नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने इस पूरे घटनाक्रम को सेवा नियमों का खुला उल्लंघन माना है। उनका कहना है कि बिना विभागीय स्वीकृति के विदेश जाना सीधे तौर पर अनुशासनहीनता के दायरे में आता है। प्रशासन अब इस मामले में संबंधित अधिकारी को नोटिस थमाने और उनके खिलाफ विधिवत विभागीय जांच शुरू करने की प्रक्रिया में जुट गया है। सोशल मीडिया पर रोमांचक दिखने वाला यह विदेशी स्वाद अब अधिकारी के लिए कानूनी और प्रशासनिक उलझन बन चुका है।

