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यह भारत और EU के करोड़ों लोगों के लिए बहुत बड़ा अवसर, मुक्त व्यापार समझौते पर बोले PM मोदी

यूरोपीय संघ के साथ बड़े करार को लेकर पीएम मोदी ने कहा, “कल ही भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक बहुत बड़ा समझौता हुआ है. दुनिया में लोग इसकी चर्चा मदर ऑफ ऑल डील के रूप में कर रहे हैं. यह समझौता भारत के 140 करोड़ लोगों और यूरोपीय देशों के करोड़ों लोगों के लिए बहुत बड़ा अवसर लेकर आया है.”

 

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मंगलवार को कहा कि लोग इस डील को मदर ऑफ ऑल डील करार दे रहे हैं. दोनों देशों के बीच इस अहम करार को लेकर बातचीत पहले ही पूरी कर ली गई थी और आज इस पर फाइनल मुहर लगनी है. माना जा रहा है कि इस करार से दोतरफा व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और आपसी आर्थिक संबंध भी बहुत मजबूत होंगे.

इंडिया एनर्जी वीक की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने यूरोपीय संघ के साथ बड़े करार का जिक्र किया. इस करार को लेकर पीएम मोदी ने कहा, “कल ही भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक बहुत बड़ा समझौता हुआ है. दुनिया में लोग इसकी चर्चा मदर ऑफ ऑल डील के रूप में कर रहे हैं. यह समझौता भारत के 140 करोड़ लोगों और यूरोपीय देशों के करोड़ों लोगों के लिए बहुत बड़ा अवसर लेकर आया है.”

2 बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेलः PM मोदी

उन्होंने यह भी कहा, “यह करार, दुनिया की 2 बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का एक शानदार उदाहरण है. यह करार ग्लोबल GDP के करीब 25 फीसदी और ग्लोबल ट्रेड के लगभग एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है. यह समझौता ट्रेड के साथ-साथ डेमोक्रेसी और रूल ऑफ लॉ के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को भी सशक्त करता है.”

रिफाइनिंग कैपेसिटी को लेकर पीएम मोदी ने कहा, “हमारे यहां बहुत बड़ी रिफाइनिंग कैपेसिटी मौजूद है. हम रिफाइनिंग कैपेसिटी में दुनिया में दूसरे स्थान पर हैं और जल्द ही दुनिया में पहले नंबर पर होंगे. आज भारत की रिफाइनिंग कैपेसिटी करीब 260 MMTPA है. इसे 300 MMTPA तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं. यह इन्वेस्टर्स के लिए बहुत बड़ा एडवांटेज है.”

पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के 5 बड़े निर्यातकों में से एकः PM मोदी

पीएम मोदी ने कहा, “एनर्जी विक के इस नए एडिशन में गोवा में दुनिया के करीब सवा सौ देशों के प्रतिनिधि आज जुटे हैं. आप सभी एनर्जी सिक्योर और सस्टेनेबल फ्यूचर पर चर्चा करने भारत आए हैं. मैं आप सभी का स्वागत करता हूं, अभिनंदन करता हूं.”

उन्होंने आगे कहा, “भारत, दुनिया की डिमांड की पूर्ति के लिए भी बेहतरीन अवसर उपलब्ध कराता है. आज हम, दुनिया में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के शीर्ष 5 निर्यातकों में से एक हैं. दुनिया के 150 से भी ज़्यादा देशों तक हमारी एक्सपोर्ट कवरेज है. भारत की ये क्षमताएं आपके बहुत काम आने वाली हैं. इसलिए, एनर्जी विक का यह प्लेटफॉर्म हमारी पार्टनरशिप को एक्सप्लोर करने का उपयुक्त स्थान है.”

2007 से चल रही थी व्यापार समझौते पर बात

इस समझौते पर इसी साल हस्ताक्षर किए जाएंगे. इसके अगले साल की शुरुआत में प्रभावी होने की उम्मीद है क्योंकि समझौते के कार्यान्वयन में समय लगेगा. इसके लिए उन्हें यूरोपीय संसद की भी मंजूरी अनिवार्य होगी. जबकि भारत में केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी की जरूरत होती है. इस समझौते को 18 साल की लंबी बातचीत के बाद अंतिम रूप दिया गया है. करार को लेकर बातचीत साल 2007 में शुरू हुई थी.

बातचीत पूरी होने की औपचारिक घोषणा मंगलवार को दिल्ली में होने वाले भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में की जाएगी. पीएम मोदी आज यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ शिखर वार्ता करने वाले हैं.

इस करार का मकसद अमेरिकी शुल्क के कारण वैश्विक व्यापार में जारी व्यवधानों के बीच दोनों क्षेत्रों के बीच आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देना है. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौते को मदर ऑफ ऑल डील्स करार दिया.

भारत-EU के बीच कितना व्यापार

इस समझौते के तहत दोनों ओर से आपसी व्यापार वाली 90 फीसदी से अधिक वस्तुओं पर आयात शुल्क को कम या खत्म कर दिया जाएगा. कपड़ा और फुटवियर जैसे उत्पादों पर शुल्क पहले ही दिन से खत्म हो सकते हैं, जबकि कुछ अन्य वस्तुओं पर इसे 5 से 10 सालों में चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा.

भारत के लिहाज से यह समझौता इसलिए भी अहम है क्योंकि अमेरिका द्वारा लगाए गए हाई टैरिफ ने वैश्विक व्यापार के प्रवाह पर असर डाला है. भारत वर्तमान में अमेरिका के 50 फीसदी टैरिफ का सामना कर रहा है. संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है. पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार 136.53 अरब अमेरिकी डॉलर रहा. और इसमें भारत का निर्यात 75.85 अरब डॉलर और आयात 60.68 अरब अमेरिकी डॉलर का रहा था.

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