भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर तनाव, BGB का BSF पर लोगों को जबरन भेजने का आरोप
ढाका: बांग्लादेश की सीमा की सुरक्षा करने वाली फोर्स बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) ने भारत की बॉर्डर सिक्योरिटीफोर्स (BSF) पर लोगों को जबरदस्ती बांग्लादेश में धकेलने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। BGB ने कहा कि शुक्रवार को BSF ने सतखीरा जिले में कालिंदी नदी सीमा के रास्ते 10 से 12 अनजान लोगों को गैर-कानूनी तरीके से धकेलने की कोशिश की, जिसे नाकाम कर दिया गया।
नदी के रास्ते घुसपैठ का लगाया आरोप
BGB ने एक बयान में बताया कि शुक्रवार सुबह BSF की 77वीं बटालियन के जवानों ने स्थानीय नावों और स्पीडबोट का इस्तेमाल करके लोगों को गैर-कानूनी तरीके से बांग्लादेश भेजने की कोशिश की। इसके लिए वे कालींदी नदी के बीच मौजूद एक उथले जमीन के टुकड़े तक पहुंचे। यह जगह खुरमी बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) से लगभग 3.5 किलोमीटर दक्षिण में है, जो BGB की निलडुमुर बटालियन के अधिकार क्षेत्र में आता है।
BGB ने बताया कि उसकी पेट्रोलिंग टीम ने तुरंत घटनास्थल पर एक स्पीडबोट भेजी और बांग्लादेशी इलाके में घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। उसने यह भी बताया कि नदी के बीच बने एक छोटे से द्वीप पर मौजूद 10-12 लोग सुबह करीब 11 बजे भारतीय इलाके में वापस लौट गए।
भारत-बांग्लादेश में बॉर्डर पर तनाव
गैर-कानूनी बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा दोनों देशों के बीच तनाव की वजह बना हुआ है। बांग्लादेश का आरोप है कि भारत गैर-कानूनी तरीकों से लोगों को जबरन सीमा पार भेज रहा है। बांग्लादेशी सरकार इसे “जबरन धकेलना” (forced push-in) कहती है। वहीं, भारत का कहना है कि बांग्लादेश अपनी सीमा से भारत में होने वाली गैर-कानूनी घुसपैठ को रोकने में नाकाम रहा है। हाल के समय में, भारत ने सीमा के बाकी हिस्सों पर बाड़ लगाने का काम तेज कर दिया है।
भारत की बांग्लादेश के साथ लगभग 4,100 किलोमीटर लंबी सीमा है। इस सीमा के कुछ हिस्से बहुत मुश्किल इलाकों से होकर गुजरते हैं। यह सीमा पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, असम, मेघालय और मिजोरम राज्यों से होकर जाती है। इन इलाकों में पहाड़, नदियां और घाटियां हैं, जिससे यहां काफी मुश्किल और दुर्गम जमीन है और यहां बाड़ लगाना एक कठिन काम है। (एजेंसी)

