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Sunita Williams : भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स ने तीसरी बार भरी अंतरिक्ष की उड़ान, बनाया नया रिकॉर्ड

Sunita Williams

Sunita Williams : भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने अपने नाम एक और उपलब्धि हासिल की है। विलियम्स एक अन्य सहकर्मी के साथ तीसरी बार अंतरिक्ष के लिए रवाना हुई हैं।

Sunita Williams : ह्यूस्टन : भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स एक अन्य सहकर्मी के साथ तीसरी बार अंतरिक्ष के लिए रवाना हुई हैं। इसके साथ ही दोनों ने बोइंग कंपनी के स्टारलाइनर यान से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन जाने वाले पहले सदस्य बनकर इतिहास रच दिया। विलियम्स और बुच विल्मोर को लेकर बोइंग का ‘क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन’ कई बार के विलंब के बाद फ्लोरिडा के ‘केप कैनवेरल स्पेस फोर्स स्टेशन’ से रवाना हुआ। विलियम्स ने इस तरह के मिशन पर जाने वाली पहली महिला के रूप में भी इतिहास रचा।

5 जून को शुरू हुआ अंतरिक्ष अभियान
सुनीता विलियम्स का स्टारलाइनर अभियान 5 जून को केप कैनावेरल अंतिक्ष स्टेशन से शरू हुआ। भारतीय समयानुसार यह अभियान रात 8 बजकर 22 मिनट पर शुरू हुआ है। यह यान अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में आज 6 जून रात 9 बजकर 45 मिनट पर पहुंचेगा। इस अभियान में विलियम्स के साथ उनके सहयोगी बुच विल्मोर भी गए हैं।

इस दिन होगी वापसी
विलियम्स और विल्मोर की यात्रा में 25 घंटे लगने की उम्मीद है। यान बृहस्पतिवार को अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचेगा। दोनों अंतरिक्ष में घूमती प्रयोगशाला में एक सप्ताह से अधिक समय बिताएंगे और इसके बाद 14 जून को वापसी के लिए पश्चिमी अमेरिका के एक दूरस्थ रेगिस्तान में उतरने के वास्ते स्टारलाइनर यान में फिर से सवार होंगे।

ऐसा करने वाली दुनिया की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री बनीं
बोइंग स्टारलाइनर यान की उड़ान में कई बार, कई वजहों से दरी हुई। आखिरकार, फ्लोरिडा के केप कैनवेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से इस यान की रवानगी हुई। इस तरह के मिशन पर जाने वाली सुनीता विलियम्स दुनिया की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री बन गईं हैं। मई 1987 में सुनीते ने अमेरिका की नौसेना अकादमी से प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद वे अमेरिका की नौसेना से जुड़ीं थीं। 1998 में उन्हें नासा द्वारा अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना गया था। इससे पहले वर्ष 2006 और वर्ष 2012 में सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष अभियानों का हिस्सा बन चुकीं हैं।

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