अरुणाचल में चीन से अब भी आमना-सामना! ITBP चीफ के बयान पर कांग्रेस ने केंद्र को घेरा
अरुणाचल प्रदेश: अरुणाचल में चीन के साथ आमना-सामना जारी है! ITBP प्रमुख ने एक बड़ा बयान दिया है। कांग्रेस ने केंद्र को घेरा। ITBP प्रमुख शत्रुजीत कपूर ने बताया है कि अरुणाचल प्रदेश में ‘लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल’ (LAC) के पास कई जगहों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमना-सामना हो रहा है। उन्होंने सीमा पर ‘शौर्य’ कमांडो, ड्रोन प्लाटून, स्ट्राइक कोर्स और नई सैन्य तैयारियों के बारे में जानकारी दी। इस बयान के बाद, कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास की स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने बताया है कि हाल के दिनों में कई जगहों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमना-सामना हुआ है, और कुछ जगहों पर यह स्थिति अभी भी बनी हुई है। उन्होंने इन घटनाओं के दौरान ITBP के नए ‘शौर्य कमांडो’ द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना की। शत्रुजीत कपूर के इसी बयान के आधार पर कांग्रेस ने केन्द्र सरकार को घेर लिया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस बयान के आधार पर केंद्र सरकार पर चीन से जुड़े मुद्दों पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया है।
अरुणाचल में कई जगहों पर फेस-ऑफ
राजस्थान के अलवर में ITBP के 65वें स्थापना दिवस से पहले आयोजित एक कार्यक्रम में जवानों को संबोधित करते हुए, शत्रुजीत कपूर ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में अरुणाचल प्रदेश की कई जगहों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमना-सामना हुआ है। उनके अनुसार, इनमें से कुछ इलाकों में अभी भी यही स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बताया कि इन घटनाओं के दौरान ITBP के जवानों—खासकर ‘शौर्य कमांडो’—ने बहुत प्रभावी भूमिका निभाई। कपूर ने आगे कहा कि ITBP ने हाल ही में ‘शौर्य कमांडो’ नाम से एक नई कॉम्बैट टीम (लड़ाकू टीम) बनाई है। उनका दावा है कि यह टीम अरुणाचल प्रदेश में चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के साथ जारी फेस-ऑफ की स्थितियों में अपनी क्षमता दिखा चुकी है। भविष्य में हर सीमा बटालियन में ऐसे कमांडो तैनात किए जाएंगे ताकि बल की विशेष पहचान बन सके।
चीन से मुकाबले के लिए बदली जा रही रणनीति
ITBP प्रमुख ने स्पष्ट रूप से कहा कि चीन जैसे विरोधी को अब पारंपरिक सैन्य तरीकों से नहीं रोका जा सकता। उन्होंने जवानों को बताया कि आधुनिक युद्ध का स्वरूप बदल गया है, जिसमें ड्रोन तकनीक एक अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने आगे बताया कि केंद्र सरकार से मिले 400 करोड़ रुपये के आधुनिकीकरण फंड का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा ड्रोन और एंटी-ड्रोन क्षमताओं को मजबूत करने के लिए आवंटित किया जा रहा है। इसके अलावा 4,000 करोड़ रुपये की एक बड़ी आधुनिकीकरण योजना को भी सैद्धांतिक मंजूरी मिली है, जिसमें से करीब 1,000 करोड़ रुपये ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम पर खर्च किए जाएंगे।
गलवान जैसी परिस्थितियों के लिए खास प्रशिक्षण
ITBP प्रमुख ने बताया कि बल ने ‘स्ट्राइक’ नाम का एक नया प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है, जिसका उद्देश्य अपने जवानों को गलवान जैसी स्थितियों से निपटने के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि 2027 के अंत तक पूरा बल यह प्रशिक्षण प्राप्त कर लेगा। उन्होंने बताया कि भविष्य में किसी भी संघर्ष के दौरान, ज़मीन के ऊपर बने ढांचे आसान निशाना बन सकते हैं; इसलिए, अब ज़मीन के नीचे के बुनियादी ढांचे (अंडरग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर) पर ध्यान दिया जा रहा है। इस दिशा में अभी एक पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है, और आने वाले वर्षों में ऐसे बंकरों का एक नेटवर्क विकसित करने की योजना है।
कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब
ITBP प्रमुख के बयान के बाद, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चूंकि ITBP प्रमुख ने खुद अरुणाचल प्रदेश में चल रहे टकराव के बारे में बात की है, इसलिए प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार को देश के सामने सीमा की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। कांग्रेस लंबे समय से चीन सीमा को लेकर सरकार से अधिक पारदर्शिता की मांग कर रही है।
क्या बदला है सीमा पर हालात?
ITBP प्रमुख के बयान से पुष्टि होती है कि हाल के दिनों में अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने आ गए हैं। हालांकि, ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है जिससे पता चले कि किसी इलाके पर नियंत्रण बदला है या भारत का कोई हिस्सा हाथ से निकल गया है, लेकिन यह स्पष्ट है कि सीमा पर चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। इसलिए, ITBP अपनी क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रही है—जिसमें ड्रोन युद्ध, विशेष कमांडो यूनिट, आधुनिक हथियार और ऊंचाई वाले इलाकों में लड़ने की दक्षता पर खास ध्यान दिया जा रहा है। (एजेंसी )

