SIR के खिलाफ प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सख्ती, सौरभ भारद्वाज समेत AAP नेता हिरासत में
दिल्ली में SIR (Special Intensive Revision) को लेकर सियासी टकराव शुक्रवार को सड़क पर नजर आया। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए पहुंचे आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और विधायक संजीव झा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। AAP ने यह प्रदर्शन चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बुलाया था।
जंतर-मंतर जाने से पहले ही बढ़ी सख्ती
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने की बात कही थी। इलाके में बैरिकेडिंग के साथ अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए और BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए गए।
भारद्वाज ने कहा- शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार
हिरासत में लिए जाने से पहले सौरभ भारद्वाज ने प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि AAP ने कार्यक्रम की अनुमति के लिए पहले ही आवेदन किया था। पुलिस के मुताबिक, अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शन स्थल की ओर बढ़ने पर कार्रवाई की गई।
SIR को लेकर क्या है AAP का आरोप?
AAP और प्रदर्शन में शामिल अन्य समूह SIR के दौरान मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की ओर से CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की गई है। ये राजनीतिक दलों और संगठनों के आरोप हैं; चुनाव आयोग की प्रक्रिया और SIR को लेकर अलग-अलग पक्ष अपनी-अपनी दलीलें रख रहे हैं।
जंतर-मंतर के आसपास भारी सुरक्षा
प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए सेंट्रल दिल्ली में कई स्तर की बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था की गई। जंतर-मंतर के आसपास यातायात और आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाए गए। रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान AAP नेताओं के अलावा कई अन्य प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया। पूरे घटनाक्रम के बीच SIR को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। वहीं, दिल्ली पुलिस का फोकस बिना अनुमति प्रदर्शन को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर रहा।

