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Ranveer Singh Ban: रणवीर सिंह पर ‘बैन’ से बॉलीवुड में बवाल! सेलेब्स ने उठाए सवाल

Ranveer Singh Ban: बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह अभी अपनी हालिया सफलताओं का जश्न ठीक से मना भी नहीं पाए थे और ‘कांतारा’ विवाद की आंच अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि उनके करियर पर एक और बड़ा संकट आ गया है। निर्माता फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी की मच-अवेटी फिल्म ‘डॉन 3’ से अचानक बाहर होने के बाद, फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर सिंह के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। फेडरेशन की इस कार्रवाई के बाद अब पूरी फिल्म इंडस्ट्री में बवाल मच गया है और कई बड़े सितारे रणवीर के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं।

‘बैन’ नहीं, यह ‘असहयोग’ है: अशोक पंडित की सफाई

विवाद बढ़ता देख FWICE के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने मीडिया के सामने आकर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया:

“हम कोई अदालत नहीं हैं जो किसी कलाकार पर ‘बैन’ लगा दें। हमने सिर्फ ‘नॉन-कोऑपरेशन’ यानी असहयोग का निर्देश जारी किया है। इसका मतलब यह है कि हमारे 30 अलग-अलग विभागों से जुड़े कामगार और सदस्य रणवीर सिंह के साथ किसी भी प्रोजेक्ट में काम नहीं करेंगे। अगर कोई एक्टर इस तरह अचानक फिल्म छोड़ता है तो यह एक गलत ट्रेंड की शुरुआत है। हर प्रोड्यूसर एक्सेल एंटरटेनमेंट जितना मजबूत नहीं होता, छोटे प्रोड्यूसर्स तो सुसाइड तक कर सकते हैं।”

संजय गुप्ता और मनोज बाजपेयी ने उठाए सवाल

फेडरेशन के इस कड़े रुख पर फिल्म मेकर संजय गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखा सवाल दागा। उन्होंने लिखा, “जब कोई ए-लिस्ट स्टार शूटिंग करता है, तो सेट पर 300 से ज्यादा दैनिक वेतन भोगी कामगार होते हैं। अगर आप उस स्टार को रोकते हैं, तो आप सिर्फ उसे सजा नहीं दे रहे, बल्कि उन सैकड़ों गरीबों की रोजी-रोटी भी छीन रहे हैं। इस कार्रवाई का क्या तुक बनता है?”

वहीं, अपनी आगामी फिल्म ‘गवर्नर’ के ट्रेलर लॉन्च पर पहुंचे नेशनल अवार्ड विनर एक्टर मनोज बाजपेयी ने बेहद सधे हुए शब्दों में रणवीर का बचाव किया। मनोज बाजपेयी ने कहा, “हम इस बारे में सिर्फ सोशल मीडिया पर ही पढ़ रहे हैं, पूरी जानकारी किसी के पास नहीं है। लेकिन इंडस्ट्री का एक हिस्सा होने के नाते, मेरी यही उम्मीद है कि यह विवाद जल्द से जल्द सुलझा लिया जाए।”

चंकी पांडे को याद आए अपने पुराने दिन

इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए सदाबहार अभिनेता चंकी पांडे ने अपने करियर का एक पुराना और कड़वा वाकया साझा किया। उन्होंने बताया कि करियर के शुरुआती दिनों में फेडरेशन ने उन पर भी इसी तरह की कार्रवाई की थी। चंकी ने फिल्म बॉडीज के पक्षपाती रवैये पर तंज कसते हुए कहा कि उस दौर में धर्मेंद्र और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे बड़े सुपरस्टार्स पर इन नियमों का कोई असर नहीं पड़ता था क्योंकि वे बड़े स्टार थे, लेकिन छोटे कलाकारों को निशाना बनाया जाता था। हालांकि, उन्होंने ‘डॉन 3’ मामले पर पूरी जानकारी न होने की बात कहकर ज्यादा टिप्पणी से इनकार कर दिया।

‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ की एडिटर ने खोली फेडरेशन की पोल

इस पूरे विवाद में सबसे बड़ा और तीखा हमला फिल्म एडिटर श्वेता वेंकट ने किया है। ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’, ‘न्यूटन’, ‘हसीन दिलरुबा’ और ‘कलंक’ जैसी फिल्मों की एडिटर श्वेता ने FWICE के रवैये को ‘चुनिंदा गुस्सा’ और पक्षपाती बताया।

श्वेता ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि साल 2023 में इंडस्ट्री के 242 फिल्म एडिटर्स ने पेमेंट बकाया, खराब वर्किंग कंडीशन और सैलरी न मिलने को लेकर फेडरेशन को साइन किया हुआ एक लेटर भेजा था। तीन साल बीत जाने के बाद भी FWICE ने उन गरीब कामगारों और एडिटर्स की सुध नहीं ली। लेकिन जैसे ही एक्सेल एंटरटेनमेंट जैसे बड़े प्रोड्यूसर्स (फरहान अख्तर) फेडरेशन के पास पहुंचे, तो FWICE ने तुरंत फुर्ती दिखाते हुए रणवीर सिंह पर असहयोग लागू कर दिया। श्वेता ने तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “यह बहुत ‘क्यूट’ है। जब एडिटर्स रो रहे थे तब आपकी यह फुर्ती कहां थी? मतलब साफ है, इंडस्ट्री में रहना है तो या तो बड़े प्रोड्यूसर बनो या बड़े एक्टर।”

फिलहाल, इस विवाद ने बॉलीवुड के भीतर अंदरूनी राजनीति और ट्रेड यूनियनों के काम करने के तरीके पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ‘डॉन 3’ से अलग होना रणवीर सिंह को इतना भारी पड़ेगा, यह शायद उन्होंने भी नहीं सोचा होगा।

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