Wed. Aug 19th, 2026

राजस्थान विधानसभा सत्र कल से, UCC बिल पेश करने की तैयारी; सरकार-विपक्ष आमने-सामने

Rajasthan Assembly Monsoon Session : राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र कल, 20 अगस्त से शुरू हो रहा है। यह सोलहवीं विधानसभा का छठा सत्र है और लगभग पांच दिनों तक चलेगा। सत्र 20 से 27 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान शनिवार और रविवार को अवकाश रहेगा। सरकार इस सत्र में सदन में कई महत्वपूर्ण विधायी प्रस्ताव पेश करने की तैयारी कर रही है। इनमें सबसे चर्चित प्रस्ताव समान नागरिक संहिता (UCC) बिल-2026 को लेकर है।

कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी

हाल ही में मुख्यमंत्री कार्यालय में मंत्रिमंडल की बैठक हुई। बैठक में राजस्थान समान नागरिक संहिता विधेयक, 2026 के मसौदे को मंजूरी दी गई। इस प्रस्तावित कानून में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे व्यक्तिगत मामलों में समान कानूनी प्रावधान शामिल हैं। विधेयक में विवाह पंजीकरण अनिवार्य करने और बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने जैसे प्रावधानों पर भी विचार किया जा रहा है। वर्तमान में आदिवासी समुदायों की परंपराएं इसके दायरे से बाहर हैं।

कमर्शियल टेक्सेशन से जुड़ा विधेयक भी पेश होगा

मानसून सत्र के दौरान कमर्शियल टेक्सेशन से संबंधित एक विधेयक भी सरकार के एजेंडे में शामिल होने की संभावना है। परिणामस्वरूप, सदन में कर प्रणाली, व्यवसायों से संबंधित प्रावधानों और राजस्व से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। सरकार सीमित समय में महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को पूरा करने का प्रयास कर रही है।

विपक्ष ने समय बढ़ाने की मांग की

मौजूदा प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, विधानसभा सत्र 20 से 27 अगस्त तक चलेगा। सरकार का इरादा सदन को पांच दिनों तक चलाने का है, लेकिन विपक्ष ने सत्र बढ़ाने की मांग की है। मंगलवार को हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष के नेता टिकाराम जूली ने कहा कि जनहित के मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा सुनिश्चित करने के लिए सदन कम से कम 15 से 20 दिनों तक चलना चाहिए ताकि जनहित से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा हो सके। जूली ने कहा कि प्रदेश में कई अहम मुद्दे हैं, जिन पर सरकार से जवाब मांगा जाना जरूरी है। वहीं सरकार आगामी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियों को देखते हुए समय की कमी का हवाला दे रही है।

विधानसभा का यह सत्र होगा अहम

विधानसभा का यह सत्र बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें समान नागरिक संहिता (यूसीसी) जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण कानूनों और अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी। सत्ताधारी दल विधायी एजेंडा को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है, वहीं विपक्ष लंबी और व्यापक चर्चाओं की मांग करके सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। परिणामस्वरूप, 20 अगस्त से शुरू होने वाला मानसून सत्र उथल-पुथल भरा रहने की संभावना है। (एजेंसी)

 

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