ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में PM मोदी का संदेश, टेक्नोलॉजी और डेटा की ताकत पर दिया जोर
Bloomberg New Economy Forum 2026: मंगलवार को ब्लूमबर्ग इकोनॉमी फोरम में बोलते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हर दौर में सत्ता के अपने स्रोत और परिभाषाएं रही हैं, लेकिन 21वीं सदी में एक बड़ा बदलाव आ रहा है। आज टेक्नोलॉजी ही ताकत है, डेटा ही ताकत है और ज्ञान ही ताकत है। उन्होंने कहा कि आज अहम सवाल यह नहीं है कि सत्ता किसके पास है, बल्कि यह है कि उसका इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है। उन्होंने यह सवाल उठाया कि क्या टेक्नोलॉजी से सिर्फ कुछ चुनिंदा लोग ही आगे बढ़ेंगे या इससे लाखों लोगों के लिए नए मौके बनेंगे। क्या ज्ञान सिर्फ कुछ लोगों तक ही सीमित रहेगा, या यह सभी की क्षमताओं को बढ़ाएगा?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “दूसरों को सशक्त बनाने की यह मानवीय भावना केवल उपदेश देने के लिए नहीं है; यह हमें हजारों साल पुरानी परंपरा से मिली सीख है। भारत में हमने इसे अपने शासन और कामकाज के तौर-तरीकों में शामिल करके करके दिखाया है।”
न्यू इकोनॉमी फोरम में और क्या बोले PM मोदी?
भारत ‘लोकतंत्र की जननी’ है। भारत में 100 से ज्यादा भाषाएं हैं। यहां लगभग 80,000 रजिस्टर्ड अखबार और प्रकाशन हैं, और 1,000 से ज्यादा सैटेलाइट टीवी चैनल हैं।
इसके अलावा, सोशल मीडिया के इस दौर में भारत में 50 करोड़ से ज्यादा YouTube यूजर्स और 50 करोड़ से ज्यादा Instagram यूजर्स हैं। यहां अलग-अलग मुद्दों पर खुली बहस होती है और लोग कई तरह के विषयों पर चर्चा करते हैं। इसमें डिजिटल ताकत ने अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, विदेशों से आने वाले मेहमानों से मैं यही कहूंगा। भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम को जरूर आजमाएं। यहां सड़क किनारे सामान बेचने वाले और कार शोरूम के कारोबार का स्वरूप और दायरा भले ही अलग-अलग हो, लेकिन दोनों ही एक ही डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। यही समावेशी तकनीक की ताकत है।
21वीं सदी में हो रहा बड़ा बदलाव
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 21वीं सदी में दुनिया बड़े बदलावों से गुजर रही है। ऐसे समय में नए विचारों और नए समाधानों की जरूरत है। ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम जैसे प्लेटफॉर्म दुनिया भर के विशेषज्ञों को एक साथ लाकर नए विचार लाने में मदद करते हैं।
तकनीक का फायदा सभी तक पहुंचे
प्रधानमंत्री ने आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया। उनका संदेश है कि तकनीकी प्रगति का फायदा समाज के कुछ खास लोगों या वर्गों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह सभी तक पहुंचना चाहिए। (एजेंसी)

