Patliputra Station Protest: बिहार के पाटलिपुत्र स्टेशन पर छात्रों का उपद्रव, ट्रेन लेट होने पर भारी पथराव; रेलवे IG जितेंद्र राणा समेत कई पुलिसकर्मी घायल!
Patliputra Station Protest: बिहार के पटना में स्थित पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन रविवार को अचानक जंग के मैदान में तब्दील हो गया। पुलिस भर्ती परीक्षा देने जा रहे सैकड़ों छात्रों ने ट्रेन के लेट होने पर ऐसा खौफनाक बवाल काटा कि मौके पर पहुंचे रेलवे आईजी (IG) जितेंद्र राणा समेत कई पुलिसकर्मी खून से लथपथ हो गए। आखिर क्यों भड़के छात्र और क्यों एक छात्रा ने दावा किया कि ‘हम परीक्षा नहीं दे पा रहे, तो किसी और को भी नहीं देने देंगे’? इस खौफनाक हिंसा की पूरी इनसाइड स्टोरी और परीक्षा से जुड़ी डिटेल्स जानने के लिए पूरा आर्टिकल जरूर पढ़ें।
ट्रेन लेट होने से भड़का छात्रों का गुस्सा, रणक्षेत्र बना स्टेशन
बिहार की राजधानी पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर रविवार को उस समय भारी तनाव और हिंसा भड़क गई, जब आगामी बड़ी राज्य भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे सैकड़ों छात्र ट्रेनों की भारी देरी के कारण उग्र हो गए। बिहार पुलिस मद्यनिषेध कांस्टेबल, जेल वार्डर और मोबाइल स्क्वाड कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए विभिन्न केंद्रों पर जा रहे अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि ट्रेन लेट होने की वजह से वे परीक्षा केंद्र पर समय से नहीं पहुंच पाएंगे और उनका भविष्य बर्बाद हो जाएगा।
इस बात से नाराज छात्रों ने रेल पटरियों (Railway Tracks) को जाम कर दिया और स्टेशन परिसर में जमकर हंगामा किया। जैसे-जैसे विरोध प्रदर्शन तेज हुआ, गुस्से में आए छात्रों ने प्लेटफॉर्म पर मौजूद कई स्टालों और रेलवे की संपत्तियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी।
रेलवे IG जितेंद्र राणा पर पथराव, कई पुलिसकर्मी घायल
स्टेशन पर बवाल और तोड़फोड़ की सूचना मिलते ही रेलवे आईजी (IG) जितेंद्र राणा, रेलवे एसपी, आरपीएफ (RPF) के आला अधिकारी और कई थानों की पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने शुरुआत में छात्रों को समझाने-बुझाने और शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्र लगातार और उग्र होते चले गए।
देखते ही देखते पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई। उग्र छात्रों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ पथराव कर दिया। इस पथराव में रेलवे आईजी जितेंद्र राणा गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके अलावा कई थानों के थानाध्यक्ष (SHOs), पुलिसकर्मी और सुरक्षाकर्मी भी चोटिल हुए हैं। स्थिति को नियंत्रण में लेने और घंटों से जाम पड़े रेलवे ट्रैक को खाली कराने के लिए घटना स्थल पर अतिरिक्त भारी पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी। इस बवाल के कारण कई ट्रेनें अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर घंटों तक फंसी रहीं और रेल परिचालन पूरी तरह ठप हो गया।
‘मैं नहीं तो कोई नहीं’- छात्रा ने बयां की आंखों देखी कहानी
खगड़िया जा रही एक महिला छात्र ने स्टेशन पर मचे इस गदर की आंखों देखी कहानी बयां की। उसने बताया कि भारी भीड़ और ओवरक्राउडिंग (ट्रेन में अत्यधिक भीड़) के कारण कई छात्र ट्रेन में सवार नहीं हो सके थे। ट्रेन न छूट जाए, इस डर से उन छात्रों ने ट्रेन को आगे बढ़ने से रोक दिया।
महिला छात्र के मुताबिक:
“वे छात्र ट्रेन के इंजन के ठीक आगे खड़े हो गए और ट्रेन पर पथराव करने लगे। दरअसल, उन छात्रों को डर था कि वे परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे, इसलिए वे चाहते थे कि यह परीक्षा ही रद्द (Cancel) हो जाए। उनका मानना था कि अगर वे परीक्षा नहीं दे पा रहे हैं, तो कोई दूसरा छात्र भी परीक्षा न दे पाए और एग्जाम को टाल दिया जाए।”
इस बीच, दूसरी शिफ्ट की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को लेकर एक और ट्रेन आने वाली थी, जिसके चलते स्टेशन पर पहले से ही भारी भीड़ जमा थी, जिससे प्रशासन की चिंताएं और बढ़ गईं।
4,128 पदों के लिए होनी है यह बड़ी परीक्षा
यह पूरा उपद्रव केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित की जा रही लिखित परीक्षा के शुरू होने के ठीक पहले हुआ। यह भर्ती अभियान कुल 4,128 रिक्तियों को भरने के लिए चलाया जा रहा है, जिसमें:
- जेल वार्डर (Warder): 2,417 पद
- मद्यनिषेध कांस्टेबल (Prohibition Constable): 1,603 पद
- मोबाइल स्क्वाड कांस्टेबल: 108 पद
यह परीक्षाएं 14 जून से 17 जून तक बिहार के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की जानी निर्धारित हैं। फिलहाल प्रशासन पूरी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है क्योंकि राज्य भर में हजारों उम्मीदवार इस बहु-दिवसीय परीक्षा के लिए यात्रा कर रहे हैं।

