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Natalie Dau: 52 वर्षीय धावक ने 12 दिन में 1000 किमी दौड़कर बनाया रिकार्ड, भीषण गर्मी में पिघल गए जूते

Natalie Dau:

Natalie Dau: उन्होंने 1000 किलोमीटर की अल्ट्रा मैराथन का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने सबसे तेज गति से मलेशिया प्रायद्वीप को पैदल पार करने की उपलब्धि हासिल की, जो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है।

Natalie Dau रायपुर।  सिंगापुर की 52 वर्षीया नताली दाऊ नामक अल्ट्रा मैराथन ने तीन देशों थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर में महज 12 दिन में 1000 किलोमीटर की दौड़ पूरी कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम

एक ओर भीषण गर्मी तो दूसरी ओर कूल्हे की गंभीर चोट से जूझ रही नताली दाऊ रोजाना दो मैराथन यानी 84 किलोमीटर के बराबर( औसतन) दौड़ी।बताया जा रहा है कि बेतहाशा,गर्मी के चलते उसके जूते पिघल गए। दाऊ ने मलेशिया से दौड़ शुरू की जो थाईलैंड से होकर सिंगापुर में पूरी हुई। इस तरह 1000 किलोमीटर का अल्ट्रा मैराथन का रिकॉर्ड उन्होंने बनाया। उन्हें मलेशिया प्रायद्वीप को तेज गति की चाल से पैदल पार करने की उपलब्धि मिली, जो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड है। अब ततसंबंधी प्रमाण पत्र उन्हें गिनीज बुक वाले देंगे। इसी के साथ उनके नाम रिकार्ड दर्ज हो जाएगा।

गर्मी से पिघले जूते, कूल्हे में लगी चोट

नताली के मुताबिक, 35 डिग्री सेल्सियस के तापमान में तपती गर्मी में रनिंग करने से उनके जूते पिघल गए थे। इसके अलावा उन्हें कूल्हे में भी चोट लगी थी। नताली कहती हैं कि ‘इससे फर्क नहीं पड़ता कि आप फर्स्ट आते हैं या लास्ट। फर्क इस बात से पड़ता है कि आपने कुछ अलग किया है।’

नताली बच्चों, बूढ़ों और युवाओं के लिए प्रेरणा हैं

फिलहाल, प्रमाण पत्र का उन्हें इंतजार है। नताली दाऊ खेल में चुनौतियां पसंद है। इसकी सहजता पसंद है, लेकिन निराशा के पल पसंद नही हैं, जो आमतौर पर आते रहते हैं। वे जोड़ती हैं कि आप दौड़ या किसी अन्य खेल में चाहे पहले या आखिरी आए कोई फर्क नहीं पड़ता। बड़ी बात यह है कि अपने कुछ ऐसा किया है, जो लगभग अलौकिक उन्हें उम्मीद है कि उनकी यात्रा दूसरे को खास तौर पर महिलाओं, बुजुर्गों को चुनौती के लिए प्रेरित करेगी। बता दें, कि नताली की इस रनिंग से वैश्विक चैरिटी के लिए 50 हजार डॉलर से ज्यादा का फंड इकट्ठा हुआ है, जिसका इस्तेमाल चैरिटी खेलों की मदद से महिलाओं और लड़कियों को ट्रेनिंग देने के लिए किया जाएगा।

(लेखक डा. विजय)

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