Wed. Sep 23rd, 2026

‘आज स्कैनर काम नहीं करेगा, साथ रखें कैश’: मध्य प्रदेश में व्यापारियों का ‘नो UPI डे’, 2 हजार से बड़े भुगतान पर तगड़ा विरोध

भोपाल/इंदौर/जबलपुर। यदि आप आज किसी बड़े घरेलू सामान, कपड़े या राशन की खरीदारी के लिए बाजार का रुख कर रहे हैं, तो अपने पास पर्याप्त नकदी रखना बेहद जरूरी है। मध्य प्रदेश भर के कारोबारी 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई (UPI) ट्रांजेक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) और अतिरिक्त शुल्क के विरोध में आज ‘नो UPI डे’ मना रहे हैं। व्यापारियों के इस एक दिवसीय सांकेतिक विरोध के चलते प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों पर डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने से इनकार किया जा सकता है।

भोपाल के थोक बाजारों में स्कैनर पर बंधेगा काला कपड़ा

राजधानी भोपाल में कारोबारियों ने केंद्र सरकार के इस प्रस्ताव के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। शहर के थोक किराना और कपड़ा बाजारों में व्यापारी अपने क्यूआर कोड स्कैनर पर काला कपड़ा बांधकर विरोध प्रदर्शित करेंगे। किराना व्यापारी संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि थोक मंडियों में 90 प्रतिशत से अधिक लेन-देन 2000 रुपये से ऊपर के होते हैं। यदि इस पर शुल्क लागू किया गया, तो व्यापारियों पर सीधा आर्थिक बोझ पड़ेगा और अंततः महंगाई बढ़ेगी। व्यापारियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पहले सरकार ने पूरे देश को डिजिटल और कैशलेस व्यवस्था की आदत लगाई और अब उसी पर भारी चार्ज थोपा जा रहा है। इसके साथ ही 16 अक्टूबर से प्रदेश भर के करीब 4700 पेट्रोल पंपों पर भी 2 हजार से ऊपर ऑनलाइन भुगतान न लेने की चेतावनी दी गई है।

इंदौर में कॉल सेंटर से अभियान, 10 लाख ग्राहकों को जोड़ने का लक्ष्य

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में इस आंदोलन को जमीनी स्तर पर व्यापक समर्थन मिल रहा है। अहिल्या चेम्बर्स और रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन ने मिलकर पूरे शहर में सघन अभियान शुरू किया है। बाजारों में जगह-जगह ‘नो UPI डे’ के बैनर-पोस्टर लगाए गए हैं और व्यापारियों से संपर्क साधने के लिए एक विशेष कॉल सेंटर भी सक्रिय किया गया है। कारोबारी संगठनों का लक्ष्य शहर के 10 लाख से अधिक नागरिकों और खरीदारों तक यह संदेश पहुंचाना है ताकि वे आज नकदी लेकर ही दुकानों पर आएं और इस सांकेतिक लड़ाई में व्यापारियों का साथ दें।

जबलपुर में घंटाघर से मालवीय चौक तक फूटा आक्रोश

संस्कारधानी जबलपुर में भी व्यापारियों के साथ-साथ उपभोक्ता अधिकार मंच सड़कों पर उतर आए हैं। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के बैनर तले घंटाघर चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया गया और 2000 से अधिक के लेन-देन पर 0.04 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने के निर्णय को वापस लेने की मांग की गई। मंच का कहना है कि यह शुल्क न सिर्फ व्यापार की गति को रोकेगा बल्कि डिजिटल इंडिया की मूल भावना पर भी प्रहार करेगा। आज शहर के प्रमुख व्यापारिक केंद्र मालवीय चौक पर भी बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है।

आम उपभोक्ता ध्यान दें: परेशानी से बचने के लिए क्या करें?

बाजारों में व्यापारियों के इस कड़े रुख के कारण आम ग्राहकों को भुगतान के समय असुविधा हो सकती है।

एटीएम से नकदी निकाल लें: किराना, रेडीमेड गारमेंट्स या इलेक्ट्रॉनिक दुकानों पर 2 हजार रुपये से बड़े बिल के लिए दुकानदार सीधे नकद भुगतान मांग सकते हैं।

बिलिंग से पहले पुष्टि करें: काउंटर पर सामान पैक कराने से पहले ही विक्रेता से यह सुनिश्चित कर लें कि वह यूपीआई पेमेंट स्वीकार कर रहा है या नहीं।

छोटे लेन-देन पर राहत संभव: खुदरा सामानों और 2 हजार रुपये से कम के भुगतान पर अधिकतर दुकानदार सामान्य रूप से स्कैनर चालू रख सकते हैं, लेकिन बड़े बिलों पर पूरी तरह कैश की जरूरत पड़ेगी।

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