Mon. Nov 2nd, 2026

शराब तस्करों के ट्रक ने TI को कुचला, इलाज के दौरान मौत; पत्नी को मिलेगी SI की नौकरी, परिवार को 1 करोड़ की मदद

देवास/भोपाल। मध्य प्रदेश के देवास जिले से कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। खातेगांव क्षेत्र में अवैध शराब की तस्करी पर नकेल कसने पहुंचे थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी को शराब तस्करों ने आयशर ट्रक से रौंद दिया। गंभीर रूप से जख्मी टीआई ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस बलिदान पर राज्य सरकार ने उन्हें ‘शहीद’ का दर्जा देते हुए पीड़ित परिवार को ₹1 करोड़ की आर्थिक मदद और उनकी पत्नी को पुलिस उप-निरीक्षक (SI) पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने का ऐलान किया है।

सूचना पर नाकेबंदी, चेकिंग के दौरान बेरहमी से कुचला

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, खुफिया तंत्र से पक्की सूचना मिली थी कि हरदा से अवैध शराब की एक बड़ी खेप आयशर वाहन के जरिए गुजरात भेजी जा रही है। इनपुट मिलते ही देवास के पुलिस अधीक्षक (SP) आदित्य मिश्रा ने जिले में कई नाकाबंदी टीमें तैनात कीं। एक महत्वपूर्ण टीम की कमान खुद खातेगांव टीआई दिलीप पुरी संभाल रहे थे, जबकि अन्य टीमों का नेतृत्व कन्नौद और सतवास थाना प्रभारी कर रहे थे।

इंदौर-बैतूल हाईवे पर नेमावर रोड के पास जब टीआई दिलीप पुरी ने संदिग्ध आयशर ट्रक को रोकने का इशारा किया, तो ड्राइवर ने रुकने के बजाय गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी और सीधे अधिकारी को टक्कर मार दी। वाहन का पिछला पहिया टीआई के ऊपर से गुजर गया, जिससे वे बुरी तरह लहूलुहान होकर हाईवे पर ही गिर पड़े। आनन-फानन में पुलिस बल उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने करीब दो घंटे तक सीपीआर और सघन चिकित्सा दी, लेकिन भारी रक्तस्राव और अंदरूनी चोटों के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका।

1800 लीटर शराब जब्त, स्पेशल DG उपेंद्र जैन को सौंपी गई जांच

घटनास्थल से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी आयशर ट्रक को कब्जे में ले लिया है। एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि वाहन से करीब 1800 लीटर अवैध अल्कोहल जब्त किया गया है। प्रारंभिक पड़ताल में शराब का लिंक हरदा स्थित एक वाइन शॉप से जुड़ा पाया गया है। पूरे नेटवर्क और अंतिम गंतव्य की कड़ियों को खंगाला जा रहा है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने मामले में उच्चस्तरीय जांच बैठा दी है। पुलिस महानिदेशक (DGP) के निर्देश पर स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन को तुरंत जांच अधिकारी नियुक्त कर घटनास्थल के लिए रवाना किया गया है। पुलिस का दावा है कि इस संगठित तस्करी गिरोह से जुड़े एक-एक आरोपी को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।

मुख्यमंत्री का संदेश: ‘शहीद के परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है सरकार’

घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि कर्तव्य पथ पर अपने प्राण न्योछावर करने वाले टीआई दिलीप पुरी का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उन्होंने दिवंगत अधिकारी की धर्मपत्नी को पुलिस विभाग में एसआई के पद पर नियुक्ति देने और परिवार को ₹1 करोड़ की राहत राशि देने के निर्देश जारी किए। क्षेत्रीय विधायक आशीष शर्मा ने भी कहा कि स्वर्गीय पुरी ने पुलिस के मूल मंत्र ‘देश भक्ति, जन सेवा’ को चरितार्थ करते हुए शहादत दी है।

शिक्षक से पुलिस अफसर बने थे दिलीप पुरी, धार में होगा अंतिम संस्कार

साल 2007 बैच के सब-इंस्पेक्टर दिलीप पुरी ने अपने जीवन की शुरुआत एक शिक्षक के रूप में की थी। बाद में वे खाकी वर्दी पहनकर जनसेवा में आए। इंदौर के संवेदनशील चंदन नगर और हीरा नगर थानों में सफल कार्यकाल के बाद वे खातेगांव में पदस्थ हुए थे। उनके उत्कृष्ट और साहसिक कार्यों के लिए इसी साल सितंबर महीने में तत्कालीन एसपी पुनीत गेहलोत द्वारा उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया था।

शहीद दिलीप पुरी की पार्थिव देह का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव बरमंडल जिला धार में पूरे राजकीय सम्मान और पुलिस सलामी के साथ संपन्न किया जाएगा। इस जघन्य वारदात के बाद पूरे पुलिस महकमे और स्थानीय जनता में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

About The Author

SKY TMT