झीरम घाटी हत्याकांड: NIA कोर्ट ने 10 दोषियों को सुनाई मृत्युदंड की सजा
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी हत्याकांड मामले में NIA की विशेष अदालत से बड़ा फैसला सामने आया है। आपके ताजा कोर्ट अपडेट के मुताबिक, विशेष अदालत ने मामले में दोषी ठहराए गए 10 आरोपियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अब इस सजा के बाद अगली नजर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी है। मामले में विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत की अदालत ने फैसला सुनाया। मृत्युदंड की सजा के बावजूद इसे तत्काल लागू नहीं किया जा सकता। इसके लिए उच्च न्यायालय की पुष्टि की कानूनी प्रक्रिया जरूरी होगी।
10 आरोपियों को मौत की सजा
झीरम घाटी हत्याकांड में लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद 5 सितंबर 2026 को NIA की विशेष अदालत ने मामले में बचे सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद 16 सितंबर को सजा के बिंदु पर फैसला सुनाया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अभियोजन पक्ष ने दोषियों के लिए कठोरतम सजा की मांग की थी। अब आपके ताजा कोर्ट अपडेट के मुताबिक अदालत ने 10 दोषियों को मृत्युदंड सुनाया है।
हाईकोर्ट की पुष्टि के बाद ही आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
मृत्युदंड से जुड़े मामलों में ट्रायल कोर्ट की सजा के बाद उच्च न्यायालय की पुष्टि की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में NIA विशेष अदालत का फैसला आने के बाद अब मामले की अगली कानूनी दिशा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से जुड़ गई है। यानी NIA कोर्ट के फैसले के बाद भी मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। दोषियों के पास ऊपरी अदालत में कानूनी चुनौती देने का रास्ता मौजूद रहेगा।
अपील के लिए 30 दिन का समय
आपके कोर्ट अपडेट के मुताबिक, दोषियों को फैसले के खिलाफ अपील के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। इस दौरान वे हाईकोर्ट में सजा और दोषसिद्धि को चुनौती दे सकते हैं।
अब यह देखना अहम होगा कि दोषी पक्ष इस अवधि के भीतर हाईकोर्ट का रुख करता है या नहीं और मृत्युदंड की पुष्टि को लेकर अदालत में क्या कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
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13 साल पुराने मामले में आया बड़ा पड़ाव
झीरम घाटी हमला 25 मई 2013 को हुआ था। दरभा क्षेत्र की झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर माओवादी हमला हुआ था। इस हमले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं समेत बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी।
NIA के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, मामले में 27 लोगों की मौत और 38 लोगों के घायल होने का उल्लेख है। एजेंसी ने IPC, Arms Act, Explosives Act और UAPA समेत विभिन्न प्रावधानों के तहत मामले की जांच की।
11 आरोपियों पर चला था मुकदमा
मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ ट्रायल चला था। सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई, जिसके बाद 10 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा जारी रहा। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से 101 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। लंबे ट्रायल और साक्ष्यों के बाद 5 सितंबर को अदालत ने सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था।
अब हाईकोर्ट में होगी अगली कानूनी प्रक्रिया
NIA विशेष अदालत के फैसले के बाद अब झीरम घाटी मामले की अगली अहम कड़ी हाईकोर्ट की कार्यवाही होगी। मृत्युदंड की पुष्टि और दोषियों की अपील से जुड़े कानूनी पहलुओं पर आगे सुनवाई हो सकती है।
इस तरह करीब 13 साल पुराने झीरम घाटी हत्याकांड में NIA कोर्ट का फैसला न्यायिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अब सबकी निगाहें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में होने वाली आगामी कार्यवाही पर रहेंगी।

