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FIFA World Cup में भारतीय तड़का, अलग-अलग देशों से खेलेंगे भारतीय मूल के 4 स्टार

FIFA World Cup: दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। अमेरिका की मेजबानी में आज, 11 जून 2026 से फीफा विश्व कप (FIFA World Cup 2026) का शानदार आगाज होने जा रहा है। भारतीय फुटबॉल फैंस के लिए हमेशा यह मलाल रहता है कि भारत की मुख्य टीम इस मेगा टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं बन पाती है। लेकिन इस बार का विश्व कप बेहद खास होने वाला है।

इस बार टूर्नामेंट में अलग-अलग शक्तिशाली देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए भारतीय मूल के चार बेहतरीन खिलाड़ी (Four Indian-origin Players) मैदान पर अपना जलवा बिखेरते नजर आएंगे। इनमें न्यूजीलैंड के सरप्रीत सिंह, कांगो के सैमुअल मौतौसामी, ऑस्ट्रेलिया के निशान वेलुपिल्ले और कतर के तहसीन मोहम्मद शामिल हैं। इससे पहले साल 2006 के विश्व कप में फ्रांस की ओर से भारतीय मूल के विकास धोरासू खेल चुके हैं।

1. सरप्रीत सिंह (न्यूजीलैंड) – बायर्न म्यूनिख खेलने वाले पहले भारतीय

न्यूजीलैंड टीम के स्टार मिडफील्डर सरप्रीत सिंह का जन्म ऑकलैंड में एक पंजाबी परिवार में हुआ था। उन्होंने साल 2018 में इंटरनेशनल डेब्यू किया और 2019 में दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल क्लबों में से एक ‘बायर्न म्यूनिख’ (Bayern Munich) की ओर से खेलने वाले भारतीय मूल के पहले खिलाड़ी बनकर इतिहास रचा था। सरप्रीत प्रतिष्ठित बुंडेसलीगा (Bundesliga) विजेता टीम का हिस्सा भी रह चुके हैं। न्यूजीलैंड के लिए 24 मैचों में 3 गोल दाग चुके सरप्रीत हाल ही में चोट से उबरकर सीधे विश्व कप की 26 सदस्यीय टीम में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं।

2. सैमुअल मौतौसामी (कांगो) – तमिल मूल का कद्दावर खिलाड़ी

कांगो की राष्ट्रीय टीम के 29 वर्षीय मिडफील्डर सैमुअल मौतौसामी का जन्म भले ही फ्रांस में हुआ था, लेकिन उनके पिता तमिल मूल के हैं और मां कांगो मूल की हैं। सैमुअल वर्तमान में यूनान (Greece) के मशहूर क्लब ‘एटरोमिटोस’ के लिए खेलते हैं। कांगो की राष्ट्रीय टीम के लिए 57 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके सैमुअल को अपनी टीम के सबसे अनुभवी और भरोसेमंद रीढ़ की हड्डी वाले खिलाड़ियों में गिना जाता है।

3. निशान वेलुपिल्ले (ऑस्ट्रेलिया) – डेब्यू मैच में ही दागा था गोल

ऑस्ट्रेलिया के 25 वर्षीय खतरनाक विंगर निशान वेलुपिल्ले की रगों में भी भारतीय खून दौड़ रहा है। उनकी मां एंग्लो-इंडियन हैं और पिता श्रीलंकाई तमिल मूल के हैं। मेलबर्न विक्ट्री क्लब के लिए खेलने वाले निशान ने अक्टूबर 2024 में ऑस्ट्रेलिया की सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया था। अपने पहले ही इंटरनेशनल मैच में गोल दागकर सनसनी मचाने वाले निशान अब तक ऑस्ट्रेलिया के लिए 7 मैचों में 3 गोल कर चुके हैं, और ये सभी गोल विश्व कप क्वालीफायर जैसे बड़े मुकाबलों में आए हैं।

4. तहसीन मोहम्मद (कतर) – केरल से है सीधा कनेक्शन

कतर फुटबॉल टीम के युवा और उभरते हुए विंगर तहसीन मोहम्मद का जन्म दोहा में एक मलयाली परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता मूल रूप से केरल के कन्नूर (Kannur) क्षेत्र के रहने वाले हैं। कतर की मशहूर एस्पायर अकादमी में ट्रेनिंग पाने वाले तहसीन ‘कतर स्टार्स लीग’ में खेलने वाले भारतीय मूल के पहले फुटबॉलर हैं और फिलहाल वह ‘अल दुहैल एससी’ क्लब का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने साल 2024 में अफगानिस्तान के खिलाफ कतर के लिए इंटरनेशनल डेब्यू किया था और उन्हें कतर फुटबॉल का भविष्य माना जाता है।

भारतीय जड़ों से वैश्विक पहचान: भले ही मैदान पर इन चारों खिलाड़ियों की जर्सियां अलग-अलग देशों की होंगी और उनके राष्ट्रगान अलग होंगे, लेकिन इनकी सफलता के पीछे की जड़ें भारत से जुड़ी हैं। वर्ल्ड कप के इस महाकुंभ में जब ये खिलाड़ी मैदान पर उतरेंगे, तो दुनिया भर के भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें इन पर टिकी रहेंगी।

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