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भारतीय नागरिकता नियमों में बड़ा बदलाव, अब पासपोर्ट सरेंडर करना होगा जरूरी

पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के नागरिकों के लिए केंद्र सरकार ने नागरिकता आवेदन प्रक्रिया में लागू किए नए नियम

 

Ministry of Home Affairs ने भारतीय नागरिकता से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। केंद्र सरकार ने नागरिकता नियम, 2009 में संशोधन करते हुए पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के नागरिकों के लिए नए प्रावधान लागू किए हैं। सोमवार को जारी अधिसूचना के अनुसार अब इन देशों के नागरिकों को भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करते समय अपने मूल देश के पासपोर्ट की जानकारी देनी होगी या उसे सरेंडर करना होगा।

 

सरकार ने नागरिकता नियम, 2009 में नया अनुच्छेद जोड़ते हुए स्पष्ट किया है कि भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले पाकिस्तानी, अफगानिस्तानी और बांग्लादेशी नागरिकों को अपने वैध या समाप्त हो चुके पासपोर्ट का पूरा विवरण देना होगा। साथ ही नागरिकता आवेदन स्वीकृत होने के 15 दिनों के भीतर संबंधित वरिष्ठ डाक अधीक्षक या डाक अधीक्षक के पास पासपोर्ट जमा करने की घोषणा भी करनी होगी।

 

गृह मंत्रालय ने कहा कि यह संशोधन Citizenship Act 1955 की धारा 18 के तहत लागू किया गया है। नए नियमों को Citizenship Amendment Rules 2026 के तहत अधिसूचित किया गया है। इसके तहत नागरिकता नियम, 2009 की अनुसूची आईसी में नया प्रावधान जोड़ा गया है।

 

केंद्र सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने वालों की पहले से गहन जांच-पड़ताल सुनिश्चित करना है। सरकार अब आवेदनकर्ताओं की पहचान और उनके दस्तावेजों की सत्यता को लेकर अधिक सख्त प्रक्रिया अपनाना चाहती है।

 

यह नया नियम खास तौर पर हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के उन लोगों पर लागू होगा जो Pakistan, Afghanistan और Bangladesh से भारत आकर भारतीय नागरिकता प्राप्त करना चाहते हैं।

 

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