Sun. Mar 1st, 2026

Jaishankar on China ‘अगर ऐसा ना हुआ तो नहीं सुधरेंगे संबंध’, जाने ऐसा क्यों बोले जयशंकर

Jaishankar on China गलवान घाटी में भारत और चीनी सैनिकों की झड़प के बाद से दोनों देशों के संबंध बुरे दौर से गुजर रहे हैं।

नई दिल्ली। Jaishankar on China लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीनी सैनिकों की झड़प के बाद से दोनों देशों के संबंध बुरे दौर से गुजर रहे हैं। सैन्य गतिरोध के बाद से दोनों देशों में कई बार शांति वार्ता हुई, लेकिन उसका कोई हल नहीं निकल पाया। अब चीन के साथ संबंधों पर विदेश मंत्री एस जयशंकर का बयान सामने आया है।

सीमा पर शांति से ही सुधरेंगे संबंध
जयशंकर ने कहा कि चीन के साथ हम सभी शेष मुद्दों के समाधान की उम्मीद करते हैं और इस बात पर जोर दिया कि सामान्य द्विपक्षीय संबंधों की वापसी सीमा पर शांति पर ही निर्भर करती है। समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों को तरजीह दी जा रही है उनमें “गश्ती अधिकार” और “गश्ती क्षमता” शामिल है।

पीएम के बयान पर ये बोले जयशंकर
एक पत्रिका से बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणियों पर विवाद पर पूछे जाने पर जयशंकर ने कहा कि उन्होंने इस मामले पर केवल एक बड़ा दृष्टिकोण प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि भारत को उम्मीद है कि चीन के साथ सभी मुद्दों पर समाधान हो जाएगा। ये

जयशंकर ने माना- चीन के साथ सामान्य नहीं है संबंध
जयशंकर ने आगे कहा कि चीन के साथ हमारे रिश्ते सामान्य नहीं हैं क्योंकि सीमावर्ती इलाकों में शांति भंग हो गई है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का साफ कहना है कि चीनी पक्ष को यह एहसास होना चाहिए कि मौजूदा स्थिति उसके हित में नहीं है।

मोदी ने कहा था कि सीमा की स्थिति पर तत्काल बातचीत करने की जरूरत है और भारत और चीन के बीच स्थिर और शांतिपूर्ण संबंध न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र और दुनिया के लिए महत्वपूर्ण हैं।

जयशंकर ने कहा कि कूटनीति धैर्य का काम है और भारत चीनी पक्ष के साथ मुद्दों पर चर्चा करता रहता है। उन्होंने गुरुवार को साक्षात्कार के दौरान कहा कि मैं कहूंगा कि अगर रिश्ते को सामान्य बनाना है तो हमें सभी मुद्दों को हल करने की जरूरत है।

About The Author