Gold Price Prediction: सोने की कीमतों में फिर आएगा उछाल? 2027 तक ₹1.71 लाख के पार जाने का अनुमान
सोने की कीमतों में आने वाले समय में एक बार फिर बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव को लेकर दिग्गज वित्तीय संस्थान J.P. Morgan ने ऐसा अनुमान जताया है, जिस पर निवेशकों की नजरें टिक गई हैं। संस्थान के मुताबिक, 2026 की आखिरी तिमाही में सोने की औसत कीमत 6,000 डॉलर प्रति औंस और 2027 के अंत तक 6,300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो भारत में भी 10 ग्राम सोने का भाव 1.70 लाख रुपये के पार जा सकता है।
हालांकि, सोने की कीमतों में तेजी की राह आसान नहीं है। अमेरिकी ब्याज दरों, महंगाई और अंतरराष्ट्रीय तनावों के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
जनवरी में सोने ने बनाया था ऐतिहासिक रिकॉर्ड
साल 2026 की शुरुआत में सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला था। 29 जनवरी 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड का भाव 5,595.47 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था।
इस तेजी का असर भारतीय बाजार में भी दिखाई दिया। उस दौरान 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग 1,52,500 से 1,52,670 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई थी। अब J.P. Morgan के नए अनुमान से सोने के भाव में आगे और तेजी की संभावनाओं पर चर्चा शुरू हो गई है।
JP Morgan ने सोने के भाव पर क्या अनुमान लगाया?
J.P. Morgan Global Research का अनुमान है कि 2026 की चौथी तिमाही में सोने की औसत कीमत 6,000 डॉलर प्रति औंस हो सकती है। इसके बाद 2027 के अंत तक कीमत 6,300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
संस्थान में बेस और प्रेशियस मेटल्स के प्रमुख ग्रेग शीरर के अनुसार, हाल में सोने में निवेशकों की दिलचस्पी कुछ कम हुई है। उनके विश्लेषण में सोना ऐसी स्थिति में है, जहां इसकी अगली चाल को लेकर स्पष्ट संकेत नहीं मिल रहे हैं।
उन्होंने कीमतों के तकनीकी स्तरों का जिक्र करते हुए बताया कि सोना 200-दिन के मूविंग एवरेज से ऊपर, लेकिन 50-दिन के मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा था। ऐसे संकेत बाजार में असमंजस को दर्शाते हैं।
महंगाई और अमेरिकी ब्याज दरों से तय होगी आगे की चाल
सोने की कीमतों पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। यदि ऊर्जा की कीमतें बढ़ने से महंगाई पर दबाव बढ़ता है और फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में बढ़ोतरी करता है, तो सोने की मांग प्रभावित हो सकती है।
इसकी वजह यह है कि सोने से नियमित ब्याज नहीं मिलता। ऐसे में ब्याज दरें बढ़ने पर निवेशकों को दूसरे विकल्प ज्यादा आकर्षक लग सकते हैं।
इसके उलट, ईरान-अमेरिका तनाव और वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर अनिश्चितता बढ़ने पर सोने की मांग में इजाफा हो सकता है। निवेशक जोखिम के समय सोने को सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में देखते हैं। यही वजह है कि सोने की कीमतों की आगे की दिशा कई आर्थिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
6,000 डॉलर पर कितना होगा 10 ग्राम सोने का भाव?
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 6,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचता है, तो दिए गए मूल्य अनुपात के आधार पर भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग 1.63 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो सकती है।
वहीं, सोने का भाव 6,300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने पर 10 ग्राम की अनुमानित कीमत 1.71 लाख रुपये से अधिक हो सकती है।
| अंतरराष्ट्रीय सोने का भाव | भारत में अनुमानित कीमत |
|---|---|
| 5,595.47 डॉलर प्रति औंस | ₹1,52,500–₹1,52,670 |
| 6,000 डॉलर प्रति औंस | ₹1,63,525–₹1,63,707 |
| 6,300 डॉलर प्रति औंस | ₹1,71,701–₹1,71,893 |
ये आंकड़े दिए गए पुराने मूल्य अनुपात के आधार पर निकाले गए अनुमान हैं। वास्तविक भारतीय कीमत डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, आयात शुल्क, कर और स्थानीय बाजार के प्रीमियम के अनुसार अलग हो सकती है।
आज क्या है सोने का भाव?
उपलब्ध बाजार अपडेट के अनुसार, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमत में 1,109 रुपये की तेजी दर्ज की गई थी। इसके बाद भाव करीब 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम बताया गया। वहीं, बुलियंस के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत 1,51,240 रुपये प्रति 10 ग्राम थी।
सोने में निवेश करने वालों के लिए J.P. Morgan का अनुमान महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन कीमतों में बढ़ोतरी की कोई गारंटी नहीं है। निवेश से पहले मौजूदा बाजार भाव, संभावित जोखिम और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है।

