CGPSC भर्ती घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, छत्तीसगढ़ के कई शहरों में एक साथ छापेमारी
छत्तीसगढ़ के चर्चित CGPSC भर्ती घोटाले की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस मामले में बड़ा कदम उठाते हुए बुधवार सुबह रायपुर, भिलाई, दुर्ग और राजनांदगांव समेत कई जगहों पर एक साथ छापेमारी की। एजेंसी की टीमें भर्ती प्रक्रिया में कथित वित्तीय गड़बड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य आर्थिक अनियमितताओं की जांच कर रही हैं। इस कार्रवाई से प्रदेश में एक बार फिर प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।
भिलाई में पूर्व CGPSC सचिव जेके ध्रुव के घर पर छापा
दुर्ग जिले के भिलाई स्थित सेक्टर-10 में पूर्व CGPSC सचिव जीवन किशोर ध्रुव (जेके ध्रुव) के निवास पर ED की टीम ने सुबह करीब 6 बजे दबिश दी। जानकारी के अनुसार, अधिकारी चार वाहनों में पहुंचे और घर के अंदर मौजूद दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय कागजात की जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के लिए CRPF जवानों को भी तैनात किया गया है। टीम पूरे मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन की गहराई से पड़ताल कर रही है।
रायपुर में पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक के घर जांच जारी
राजधानी रायपुर में CGPSC की पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक के आवास पर भी ED की टीम ने छापेमारी की। सुबह से ही अधिकारी दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच में जुटे हुए हैं। सुरक्षा बलों की निगरानी में चल रही इस कार्रवाई का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया से जुड़े संदिग्ध वित्तीय मामलों की तह तक जाना बताया जा रहा है।
दुर्ग और राजनांदगांव में भी ED की दबिश
दुर्ग जिले में अमृत खलको के आवास पर भी जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी रही। तालपुरी स्थित उनके निवास पर टीम ने दस्तावेज खंगाले और कई अहम रिकॉर्ड जब्त किए। वहीं राजनांदगांव के नागफनी क्षेत्र में भी एक अन्य ठिकाने पर ED की छापेमारी हुई, जहां वर्ष 2020-22 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है। आरोप है कि चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं के जरिए कुछ अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ दिया गया।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां, जांच में तेजी
CGPSC भर्ती घोटाले की जांच में पहले भी कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें टामन सिंह सोनवानी प्रमुख नाम हैं जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। ED अब इस पूरे मामले में आर्थिक लेन-देन, संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच को आगे बढ़ा रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी तरह की अवैध आर्थिक गतिविधि तो नहीं हुई।
छापेमारी से बढ़ी राजनीतिक हलचल
छत्तीसगढ़ के कई जिलों में एक साथ हुई इस कार्रवाई के बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। हालांकि जांच एजेंसियों ने अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया है, लेकिन लगातार चल रही छापेमारी से राज्य में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।

