Diwali 2026: दिवाली आज, लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त कब से कब तक? जानें अपने शहर का सही समय
Diwali 2026: क्या आप जानते हैं कि इस दिवाली आपके शहर में लक्ष्मी-गणेश पूजन का सबसे सटीक और शुभ मुहूर्त क्या रहेगा? गलत समय पर की गई पूजा का फल अधूरा रह सकता है। जानिए दिल्ली से लेकर मुंबई और कोलकाता तक के सभी बड़े शहरों का सही समय, पूजा की सरल विधि और वे जरूरी नियम, जो आपके घर में सुख-समृद्धि और धन के द्वार खोल सकते हैं। कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती? पूरा आर्टिकल पढ़कर जानें सही विधि!
दीपावली का पावन पर्व 8 नवंबर 2026 (रविवार) को मनाया जाएगा। इस दिन कार्तिक अमावस्या के अवसर पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।
- अमावस्या तिथि प्रारंभ: 8 नवंबर, सुबह 11:27 बजे
- अमावस्या तिथि समाप्त: 9 नवंबर, रात 12:31 बजे
- मुख्य लक्ष्मी पूजा मुहूर्त (प्रदोष काल): शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तक
- निशीथ काल: रात 11:39 बजे से 12:31 बजे तक
प्रमुख शहरों में लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त:
- नई दिल्ली: शाम 5:54 बजे से शाम 7:50 बजे तक
- नोएडा-गाजियाबाद: शाम 5:54 बजे से 7:49 बजे तक
- मुंबई: शाम 6:27 बजे से रात 8:27 बजे तक
- कोलकाता: शाम 5:20 बजे से शाम 7:18 बजे तक
- चेन्नई: शाम 6:07 बजे से रात 8:09 बजे तक
- बेंगलुरु: शाम 6:17 बजे से रात 8:20 बजे तक
- जयपुर: शाम 6:03 बजे से शाम 7:59 बजे तक
- चंडीगढ़: शाम 5:52 बजे से शाम 7:46 बजे तक
- अहमदाबाद: शाम 6:22 बजे से रात 8:20 बजे तक
- भोपाल: शाम 6:05 बजे से 8:00 बजे तक
दीपावली पर मां लक्ष्मी की पूजा की सरल विधि
- चौकी की स्थापना: घर की पूर्व दिशा या ईशान कोण में एक साफ चौकी स्थापित करें और उस पर लाल या गुलाबी कपड़ा बिछाएं।
- प्रतिमाओं की स्थापना: चौकी पर भगवान गणेश की प्रतिमा रखें और उनके दाहिनी ओर मां लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें।
- शुद्धिकरण और संकल्प: पूजा स्थल पर जल छिड़ककर शुद्ध करें, हाथ में जल लेकर पूजा का संकल्प लें।
- दीपक प्रज्वलित करें: घी का एक मुखी दीपक जलाकर पूजा का शुभारंभ करें।
- पूजन सामग्री अर्पण: मां लक्ष्मी और भगवान गणेश को फूल, मिठाई और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें।
- मंत्र जाप और आरती: पहले भगवान गणेश के मंत्रों का जाप करें, फिर मां लक्ष्मी के मंत्रों का उच्चारण कर आरती उतारें।
- दीपक सजावट: घर के अलग-अलग हिस्सों में दीपक सजाएं और मंदिर व अन्य पवित्र स्थानों पर भी दीप प्रज्वलित करें।

