SIR के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, भूपेश बघेल भी पहुंचे; बैरिकेडिंग पर पुलिस से हुई धक्का-मुक्की
दुर्ग में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राजीव भवन से कलेक्टोरेट तक पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी शामिल हुए।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की और उनके इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान CEC का पुतला भी फूंका गया। कलेक्टोरेट पहुंचने के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग लगाकर रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी।
राजीव भवन से शुरू हुआ कांग्रेस का मार्च
कांग्रेस कार्यकर्ता राजीव भवन से कलेक्टोरेट की ओर पैदल निकले। पार्टी की ओर से पहले ही 28 सितंबर को जिला कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च और प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया गया था। दुर्ग में भी इसी कार्यक्रम के तहत कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर नारे लगाए। कार्यकर्ताओं के हाथों में पार्टी के झंडे और विरोध से जुड़े पोस्टर भी नजर आए।
भूपेश बघेल ने चुनाव आयोग पर लगाए आरोप
प्रदर्शन में शामिल पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने SIR को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के जरिए मतदाता सूची में हेरफेर की जा रही है और विपक्ष से जुड़े मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।
बघेल ने यह भी आरोप लगाया कि नए फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़कर सत्तापक्ष को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना विरोध आगे भी जारी रखेगी।
ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं। मतदाता सूची में कथित हेरफेर और किसी राजनीतिक दल को लाभ पहुंचाने के आरोपों को इस रिपोर्ट में स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।
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‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ के नारे
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने उनका पुतला भी फूंका।
कांग्रेस ने देशभर में 25 सितंबर को राज्य स्तर पर और 28 सितंबर को जिला स्तर पर प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया था। पार्टी SIR और मतदाता सूची से जुड़े अपने आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग कर रही है।
कलेक्टोरेट के पास पुलिस ने लगाया बैरिकेड
कांग्रेस के मार्च को देखते हुए कलेक्टोरेट इलाके में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की थी। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई थी। आसपास के इलाकों में भी पुलिस बल तैनात किया गया।
कांग्रेस कार्यकर्ता आगे बढ़ते हुए बैरिकेडिंग के कुछ हिस्सों को पार कर गए। कलेक्टोरेट के नजदीक पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने अपनी मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में SIR, मतदाता सूची और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ पार्टी की मांगों को रखा गया।
दुर्ग का यह प्रदर्शन कांग्रेस के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत पार्टी ने देशभर के जिला मुख्यालयों तक विरोध मार्च निकालने की घोषणा की थी।
चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर जारी है विवाद
SIR को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक विवाद लगातार सामने आ रहा है। कांग्रेस ने SIR की प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि चुनाव आयोग की ओर से प्रक्रिया को लेकर अपने पक्ष और स्पष्टीकरण सार्वजनिक किए गए हैं। इस विवाद के बीच अलग-अलग राज्यों में कांग्रेस के प्रदर्शन भी हुए हैं।
दुर्ग में हुए प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को आगे भी उठाती रहेगी।
नोट: मतदाता सूची में कथित हेरफेर और चुनाव आयोग के किसी राजनीतिक दल के पक्ष में काम करने के आरोप कांग्रेस के दावे हैं। इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित आधिकारिक प्रक्रिया या सक्षम संस्था के निर्णय के आधार पर ही निकाला जा सकता है।

