पद्मश्री तीजन बाई की सेहत हुआ खराब, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लिया त्वरित संज्ञान

छत्तीसगढ़। दुर्ग सोशल मीडिया पर मशहूर पंडवानी कलाकार पद्मविभूषण तीजन बाई जी की तबियत खराब होने की खबर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तत्काल संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर दुर्ग जिला प्रशासन द्वारा तत्काल डाक्टरों की टीम तीजन बाई के ग्राम गनियारी स्थित निवास पर पहुंची और उनकी जांच की।
मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी जिला दुर्ग डॉ. जे पी मेश्राम और बीएमओ पाटन डॉ. आशीष शर्मा ने त्वरित कार्यवाही करते हुए चिकित्सा अधिकारी दल को निर्देशित किया। इसके बाद डॉक्टर भुवनेश्वर कठोतिया एवं नर्सिंग स्टाफ गुलशन खलखो ने अतिशीघ्र उनके निवास गनियारी में पहुंचकर उनकी सेहत की जाँच की । डॉ कठोतिया ने स्वास्थ्य जांच करने के बाद एवं उनके सेक्टर 9 हॉस्पिटल से पूर्व से चल रहे ईलाज,दवाओं आदि की जानकारी ली एवं उचित परामर्श दिया। उनके परिवार जन द्वारा उन्हें वर्तमान में घर में ही स्वास्थ्य लाभ लेने निवेदन किया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक तीजन बाई जी का पूर्व से कोरोनरी आर्टरी डिसीज, हाइपरटेंशन,डायबिटीज ,स्ट्रोक विथ रेसीड्यूल परेसिस आदि का ईलाज चल रहा है। उनके सलाहकार चिकित्सक द्वारा सुझाई गई दवाईयां उनके द्वारा ली जा रही हैं।
तीजन बाई का परिचय और उपलब्धियां
इनका जन्म 8 अगस्त 1956 में छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के ग्राम गनियारी में हुआ था, छत्तीसगढ़ की पारंपरिक प्रदर्शन कला पंडवानी की प्रतिपादक हैं , जिसमें वह संगीत संगत के साथ महाभारत की कहानियों का मंचन करती हैं।
पुरस्कार
पद्म विभूषण 2019
पद्म भूषण 2003
पद्म श्री 1988
संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 1995
फुकुओका पुरस्कार 2018
संगीत नाटक अकादमी फैलोशिप [1] [2]
उन्हें भारत सरकार द्वारा 1988 में पद्म श्री , 2003 में पद्म भूषण और 2019 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है, इसके अलावा 1995 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार , भारत की राष्ट्रीय संगीत, नृत्य और नाटक अकादमी द्वारा दिया गया ।