एक छोटी-सी चूक और हैक हो सकता है पूरा सर्वर! PHP की खामियों से कितना बड़ा खतरा?
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन कार्यरत प्रमुख साइबर सुरक्षा निगरानी संस्था ‘इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम’ (CERT-In) ने लोकप्रिय वेब प्रोग्रामिंग भाषा PHP में दो गंभीर तकनीकी खामियों की पुष्टि करते हुए उच्च प्राथमिकता वाली सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। इन खामियों का फायदा उठाकर साइबर अपराधी बिना किसी ऑथेंटिकेशन या लॉगिन क्रेडेंशियल के दूर बैठकर ही लक्षित सर्वर में दुर्भावनापूर्ण कोड इंजेक्ट कर सकते हैं। इसके चलते वेबसाइट्स का संचालन ठप होने, डेटा लीक होने और पूरे सर्वर का प्रशासनिक नियंत्रण हैकर्स के हाथ में जाने का गंभीर जोखिम पैदा हो गया है।
वर्जन और कॉन्फ़िगरेशन के आधार पर बढ़ेगा खतरा
साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, इस सुरक्षा खामी का असर सर्वर पर इस्तेमाल हो रहे PHP संस्करण और उसके मौजूदा कॉन्फ़िगरेशन पर निर्भर करता है। बिना पैच वाले पुराने वर्जन पर चलने वाले सिस्टम सबसे ज्यादा निशाने पर हैं। उल्लेखनीय है कि हाल के हफ्तों में CERT-In ने ई-मुद्रा के डिजिटल सर्टिफिकेट में पाई गई सुरक्षा खामियों समेत कई प्रमुख सॉफ्टवेयर प्रणालियों को लेकर भी अलर्ट जारी किए हैं। एजेंसी वर्तमान में डिजिटल सुरक्षा परिदृश्य पर कड़ी नजर बनाए हुए है।
ओरेकल, एसएपी और माइक्रोसॉफ्ट के उत्पादों पर भी निगरानी
राष्ट्रीय डिजिटल बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखने के अपने अभियान के तहत CERT-In लगातार विभिन्न सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम की कमजोरियों का मूल्यांकन कर रहा है। एजेंसी की ताजा रिपोर्ट में PHP के साथ-साथ ओरेकल, एसएपी (SAP) और माइक्रोसॉफ्ट के कुछ प्रमुख एंटरप्राइज उत्पादों में मौजूद सुरक्षा खामियों को भी चिन्हित किया गया है, जिन्हें लेकर संबंधित संगठनों को पहले ही सचेत किया जा चुका है।
संस्थानों और उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल
CERT-In ने सभी सरकारी पोर्टलों, वित्तीय व बैंकिंग संस्थानों, ई-कॉमर्स कंपनियों और वेब होस्टिंग प्रोवाइडर्स को निर्देश दिया है कि वे अपने सर्वर पर चल रहे PHP वर्जन की तत्काल तकनीकी जांच करें और संबंधित सॉफ्टवेयर वेंडर द्वारा जारी किए गए नवीनतम सुरक्षा पैच को तुरंत लागू करें। संगठनों को सलाह दी गई है कि वे सर्वर एक्सेस लॉग की नियमित निगरानी करें, किसी भी असामान्य नेटवर्क ट्रैफिक की त्वरित जांच करें और संवेदनशील डेटा का सुरक्षित ऑफलाइन बैकअप रखें। इसके साथ ही आम इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को भी ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए अपने गोपनीय लॉगिन पासवर्ड और ओटीपी किसी भी अज्ञात व्यक्ति या असुरक्षित प्लेटफॉर्म पर साझा न करने की सलाह दी गई है।

