चांदी के आयात पर रोक से बाजार में हलचल: दाम बढ़ने के संकेत, निवेशकों की चमक सकती है किस्मत
केंद्र सरकार द्वारा चांदी के आयात पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद सराफा बाजार में हलचल तेज हो गई है। कारोबारियों का कहना है कि देश में चांदी का उत्पादन बेहद कम है और लगभग 90 फीसदी जरूरत आयात के जरिए पूरी होती है। ऐसे में आयात रुकने से आने वाले महीनों में बाजार में चांदी की कमी गहराने की आशंका जताई जा रही है।
त्योहारी सीजन तक राहत, फिर बढ़ सकती है मुश्किल
व्यापारियों के अनुसार फिलहाल बाजार में एक महीने तक का स्टॉक मौजूद है, इसलिए तुरंत बड़ा असर देखने को नहीं मिलेगा। हालांकि नवरात्रि और त्योहारी सीजन के बाद बाजार में चांदी की उपलब्धता कम हो सकती है। इसके चलते कीमतों में तेज उछाल आने की संभावना जताई जा रही है।
निवेशकों को मिल सकता है बड़ा फायदा
चांदी की कीमतों में संभावित तेजी को देखते हुए निवेशकों के चेहरे खिल उठे हैं। सराफा कारोबारियों का मानना है कि जैसे-जैसे बाजार में कमी बढ़ेगी, निवेशक ऊंचे दाम पर अपना स्टॉक बेचकर मोटा मुनाफा कमा सकते हैं। वर्तमान में प्रदेश में हर दिन करोड़ों रुपये का चांदी निवेश हो रहा है और बड़ी मात्रा में निवेशकों ने चांदी जमा कर रखी है।
चार लाख के पार जा सकती है कीमत
कारोबारियों का अनुमान है कि आने वाले समय में चांदी की कीमतें एक बार फिर रिकॉर्ड स्तर छू सकती हैं। फिलहाल चांदी करीब 2.83 लाख रुपये के स्तर पर कारोबार कर रही है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक सप्लाई प्रभावित होने पर दाम चार लाख रुपये के पार पहुंच सकते हैं।
चोर रास्तों से सप्लाई की आशंका
व्यापारियों का यह भी कहना है कि आयात बंद होने के बावजूद अवैध रास्तों से चांदी की एंट्री की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि इस तरह आने वाली चांदी की कीमत ज्यादा होगी, जिसका सीधा असर बाजार भाव पर पड़ सकता है।

