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छत्तीसगढ़ क्रिकेट में ऐतिहासिक पल, Ayush Pandey को इंडिया-ए टीम में मिला मौका, रच दिया इतिहास

छत्तीसगढ़ के क्रिकेट इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई और बड़ी पहचान दिलाते हुए राज्य के प्रतिभावान युवा बल्लेबाज आयुष पांडेय (Ayush Pandey) का चयन भारत-ए (India-A) टीम में किया गया है। वे छत्तीसगढ़ के पहले ऐसे क्रिकेटर बन गए हैं जिन्हें इंडिया-ए टीम की जर्सी पहनने और देश के लिए खेलने का गौरवपूर्ण अवसर मिला है।

आयुष पांडेय का यह ऐतिहासिक चयन श्रीलंका-ए के खिलाफ होने वाली आगामी चार दिवसीय श्रृंखला (4-Day Series) के लिए हुआ है। यह सीरीज आगामी 25 जून से 5 जुलाई 2026 के बीच आयोजित की जाएगी, जहां आयुष देश का प्रतिनिधित्व करते नजर आएंगे।

टीम में मिली बड़ी जिम्मेदारी, ओपनर की भूमिका में दिखेंगे आयुष

चयनकर्ताओं ने आयुष पांडेय की काबिलियत पर पूरा भरोसा जताते हुए उन्हें टीम में ओपनर बल्लेबाज (सलामी बल्लेबाज) की बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। घरेलू क्रिकेट में उनके लगातार धमाकेदार और शानदार प्रदर्शन का ही यह नतीजा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर इतना बड़ा इनाम मिला है। पिछले कुछ वर्षों में रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) और अन्य प्रमुख घरेलू प्रतियोगिताओं में उन्होंने अपनी तकनीकी और आक्रामक बल्लेबाजी से दिग्गजों का ध्यान अपनी ओर खींचा था।

“घरेलू क्रिकेट के अनुभव से बढ़ा मेरा आत्मविश्वास” – आयुष पांडेय

इंडिया-ए टीम में चुने जाने के बाद आयुष पांडेय ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने इस बड़ी उपलब्धि पर बात करते हुए कहा:

“विभिन्न घरेलू टूर्नामेंटों में लगातार खेलने और बड़े मुकाबलों के दबाव को झेलने से मेरे अनुभव और आत्मविश्वास में काफी बढ़ोतरी हुई है। राष्ट्रीय सिलेक्टर्स ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, मैं उस पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करूंगा। मेरी उम्मीद यही है कि इंडिया-ए के लिए भी मैं अपनी उसी पुरानी लय और अनुशासन को बरकरार रखूं और टीम की जीत में अहम योगदान दूं।”

रायपुर की ‘रियाज एकेडमी’ से रणजी ट्रॉफी तक का सफर

आयुष पांडेय की इस सफलता के पीछे उनकी सालों की कड़ी मेहनत और कड़ा अनुशासन छिपा है। उन्होंने क्रिकेट की शुरुआती बारीकियां और ककहरा रायपुर की प्रतिष्ठित ‘रियाज क्रिकेट अकादमी’ से सीखा था। बेहद कम उम्र से ही हाथ में बल्ला थामने वाले आयुष ने जूनियर क्रिकेट से लेकर रणजी ट्रॉफी तक के सफर में लगातार रन बनाए। इसके साथ ही, राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) में समय-समय पर मिले बेहतरीन प्रशिक्षण और कोचों के मार्गदर्शन ने भी उनके खेल को अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुताबिक निखारने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

आयुष की इस ऐतिहासिक कामयाबी से छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ (CSCS) और प्रदेश के खेल प्रेमियों में जश्न का माहौल है।

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