धनतेरस के दिन टेक महिंद्रा के एशिया हेड की हत्या, 9 गोलियां मारकर उतारा मौत के घाट
फरीदाबाद: धनतेरस की रात हरियाणा के फरीदाबाद में पार्किंग विवाद हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। टेक महिंद्रा के एशिया प्रमुख परमजीत धनखड़ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, सेक्टर 21सी स्थित एक बहुमंजिला इमारत की पार्किंग में पड़ोसी मोनू शर्मा से कहासुनी के बाद धनखड़ को गोली मार दी गई। परमजीत को नौ गोलियां लगीं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अपने परिवार के साथ फरार होने से पहले अपनी लाइसेंसी पिस्टल से करीब 15 गोलियां चलाईं।
पार्किंग और डॉग को लेकर चल रहा था विवाद
पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, परमजीत धनखड़ का परिवार सेक्टर 21सी स्थित भवन संख्या 641 की पहली मंजिल पर रहता था, जबकि आरोपी मोनू शर्मा का परिवार तीसरी मंजिल पर रहता था। सूरजकुंड पुलिस स्टेशन के मुताबिक, दोनों परिवारों के बीच कई दिनों से झगड़ा चल रहा था। जांच में पता चला कि मोनू शर्मा का बेटा अक्सर अपने पालतू कुत्ते को पार्किंग क्षेत्र में पॉटी करवाता था। परमजीत के बेटे सूर्य ने कई बार इसका विरोध किया था। इसी बात को लेकर चार-पांच दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी, हालांकि हर बार मामला शांत हो गया था।
सिंगापुर से शादी में शामिल होने आए थे परमजीत
पुलिस के अनुसार, परमजीत धनखड़ काम के सिलसिले में सिंगापुर में रहते थे और अक्सर वहां आते-जाते रहते थे। उनका परिवार फरीदाबाद में रहता था। वे अपने भतीजे की शादी में शामिल होने के लिए 5 नवंबर को सिंगापुर से लौटे थे। परिवार के अनुसार, शादी 24 नवंबर को होनी थी। घर लौटने के बाद उन्होंने जिम जाना शुरू कर दिया था और नियमित रूप से वहां जाते थे।
जिम से लौटे तो फिर शुरू हो गया विवाद
सूरजकुंड पुलिस स्टेशन के प्रभारी प्रहलाद के अनुसार, परमजीत शुक्रवार रात करीब 8 बजे जिम से लौटा। जब वह पार्किंग स्थल पर पहुंचा, तो उसने देखा कि मोनू शर्मा की कार उसकी निर्धारित पार्किंग जगह पर खड़ी थी। परमजीत ने मोनू से अपनी कार हटाने को कहा। इसी बात पर दोनों के बीच बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते गंभीर विवाद में बदल गई।
लाइसेंसी पिस्टल से की ताबड़तोड़ फायरिंग
पुलिस के मुताबिक, मोनू शर्मा लाइसेंसी पिस्तौल लेकर पार्किंग एरिया में पहुंचा। विवाद बढ़ने पर उसने कथित तौर पर परमजीत धनखड़ पर गोली चला दी। प्रारंभिक जांच में करीब 15 गोलियां चलने की बात सामने आई है। परमजीत को नौ गोलियां लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी घटना के बाद अपने परिवार के साथ फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस, क्राइम ब्रांच और एफएसएल की टीमें मौके पर पहुंचीं। घटनास्थल से कई कारतूस बरामद किए गए।
आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें जुटीं
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में जमा करा दिया है। सूरजकुंड पुलिस स्टेशन और क्राइम ब्रांच की टीमें आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। स्टेशन प्रभारी प्रहलाद ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुराने विवादों और गोलीबारी से जुड़े हालातों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। (एजेंसी)

