अग्निवीरों के लिए केंद्र का बड़ा ऐलान: सेवा अवधि में विस्तार, सेना में नौकरी होगी पक्की
नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने देश के अग्निवीरों को दिवाली के अवसर पर बड़ा तोहफा दिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की अहम बैठक में यह फैसला लेते हुए अग्निवीरों की सेवा अवधि को दो साल के लिए आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी गई है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन एस राजा सुब्रमणि ने इस बड़े नीतिगत निर्णय की जानकारी साझा करते हुए बताया कि अग्निवीरों को अब दो वर्ष का अतिरिक्त इंगेजमेंट पीरियड दिया जाएगा। यह विस्तारित कार्यकाल पूरा होने के बाद ऑब्जेक्टिव सेलेक्शन प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिसके जरिए जवानों को आर्म्ड फोर्सेज में नियमित तौर पर एनरोल होने का पूरा मौका मिलेगा। सरकार का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब लगभग 18,000 अग्निवीर कुछ ही हफ्तों के भीतर सशस्त्र बलों से सेवामुक्त होने की कगार पर थे।
सीडीएस ने बताया रक्षा बलों के लिए ऐतिहासिक दिन
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन एस राजा सुब्रमणि ने घोषणा करते हुए कहा कि आज का दिन भारतीय रक्षा बलों और देश के सभी अग्निवीरों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण साबित हुआ है। कैबिनेट के इस कदम से सभी अग्निवीरों के लिए रक्षा बलों में बने रहने का एक नया मार्ग प्रशस्त हो गया है। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि 14 जून 2022 को जब अग्निपथ योजना का आरंभ हुआ था, तब यह तय किया गया था कि अग्निवीरों की कार्यक्षमता और प्रदर्शन का निरंतर मूल्यांकन किया जाएगा और समय की मांग के अनुसार इस योजना की विधिवत समीक्षा होगी। अब पहले बैच के चार साल पूरे होने के करीब आने पर उनका विस्तृत कार्य मूल्यांकन किया गया, जिसमें उनके काम को लेकर बेहद सकारात्मक फीडबैक सामने आया है।
25 फीसदी होंगे नियमित, बाकी को 2 साल का अवसर
योजना के शुरुआती प्रारूप में व्यवस्था थी कि अग्निवीरों की नियुक्ति चार वर्षों के लिए होगी और इनमें से केवल 25 प्रतिशत उत्कृष्ट जवानों को मेरिट के आधार पर नियमित सेवा में बनाए रखा जाएगा, जबकि शेष 75 प्रतिशत जवान चार साल बाद सेवामुक्त होकर समाज में वापस लौटेंगे। कैबिनेट द्वारा संशोधित की गई नई व्यवस्था के तहत 25 फीसदी योग्य अग्निवीरों को पूर्ववत सेना में नियमित सैनिक के तौर पर शामिल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, बाकी बचे 75 फीसदी अग्निवीरों को दो साल का सेवा विस्तार ऑफर किया जाएगा। इस दो साल के इंगेजमेंट पीरियड के दौरान उनके वेतन में भी बढ़ोतरी होगी और उनके पास स्थायी सैनिक बनने का एक नया अवसर रहेगा।
चयन प्रक्रिया के जरिए सेना में समाहित होने का रास्ता
सीडीएस जनरल सुब्रमणि ने स्पष्ट किया कि सभी अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में अपनी सेवा निरंतर जारी रखने का यह अवसर पूरी तरह से उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन और उसके निष्पक्ष मूल्यांकन पर निर्भर करेगा। जो अग्निवीर अपना दो साल का विस्तारित कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करेंगे, उनमें से इच्छुक उम्मीदवारों को एक तय व पारदर्शी चयन प्रक्रिया के आधार पर सशस्त्र बलों में नियमित रूप से समाहित कर लिया जाएगा। कैबिनेट के इस निर्णय से सेना को अनुभवी जवान उपलब्ध रहेंगे और अग्निवीरों को देश सेवा के साथ-साथ अपने भविष्य को सुरक्षित करने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा।

